Tarn Taran News: पंजाब के तरनतारन जिले में खरीफ सीजन के दौरान धान की सरकारी खरीद लगातार जारी है। डिप्टी कमिश्नर राहुल ने बताया कि जिले की मंडियों में अब तक 10,03,214 मीट्रिक टन धान पहुंच चुका है। इसमें से विभिन्न सरकारी खरीद एजेंसियों और व्यापारियों ने कुल 9,91,794 मीट्रिक टन धान खरीदा है। जारी आंकड़ों के अनुसार, मंडियों में पहुंची कुल फसल में से लगभग 98.9 प्रतिशत धान की खरीद हो चुकी है। प्रशासन के मुताबिक, किसानों को खरीदी गई फसल के बदले निर्धारित समय के भीतर 2,026.92 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। खरीद और भुगतान की यह स्थिति मंडियों में जारी सरकारी प्रक्रिया को दर्शाती है। डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से अपील की कि वे अपनी फसल पूरी तरह सुखाकर ही मंडियों में लेकर आएं। इससे खरीद के दौरान नमी के मानकों को लेकर होने वाली परेशानी और अनावश्यक इंतजार से बचने में मदद मिलेगी।
पनग्रेन ने खरीदा सबसे ज्यादा धान, जानें एजेंसियों का आंकड़ा
जिला प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पनग्रेन ने अब तक सबसे अधिक 4,54,566 मीट्रिक टन धान खरीदा है। इसके बाद मार्कफेड ने 2,43,833 मीट्रिक टन और पनसप ने 1,68,454 मीट्रिक टन धान की खरीद की। पंजाब राज्य गोदाम निगम ने 1,18,986 मीट्रिक टन धान खरीदा है, जबकि व्यापारियों की ओर से 5,955 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। प्रशासन ने किसानों को सरकारी खरीद के निर्धारित नियमों के अनुसार फसल मंडियों में लाने की सलाह दी है। डिप्टी कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि सरकारी एजेंसियां 17 प्रतिशत तक नमी वाला धान ही निर्धारित मानकों के तहत खरीदती हैं। इसलिए किसान मंडियों में फसल लाने से पहले उसकी नमी की जांच कर लें और अधिक नमी वाली फसल लाने से बचें। इससे खरीद प्रक्रिया सुचारू रखने में मदद मिलेगी।
शाम 6 से सुबह 10 बजे तक कंबाइन से कटाई पर रोक
धान खरीद के साथ प्रशासन ने कटाई के समय और पराली प्रबंधन को लेकर भी किसानों से नियमों का पालन करने की अपील की है। डिप्टी कमिश्नर राहुल ने बताया कि कंबाइन मशीनों से शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक धान की कटाई करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। किसानों और कंबाइन ऑपरेटरों को निर्धारित समय-सारणी का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, कटाई के समय से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी है। किसानों से कहा गया है कि वे कंबाइन ऑपरेटरों के साथ समन्वय बनाकर फसल की कटाई कराएं और किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए निर्धारित समय का ध्यान रखें।
डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से धान की पराली और फसल के अवशेषों को आग नहीं लगाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि पराली को जलाने के बजाय उसका उचित प्रबंधन किया जाए, ताकि वायु प्रदूषण कम करने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मदद मिल सके। प्रशासन ने किसानों से खरीद प्रक्रिया में सहयोग करने, सूखी फसल मंडियों में लाने और पराली प्रबंधन के नियमों का पालन करने का आग्रह किया है।
Click Here👉त्योहारों से पहले तरनतारन में फूड सेफ्टी टीम की जांच, पनीर-स्प्रिंग रोल समेत 6 सैंपल भरे

