Uttarakhand News: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती की शोभायात्रा के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के उत्तराखंड से जुड़े कथित ‘घुसपैठिया’ बयान को लेकर कांग्रेस की स्थिति पर सवाल उठाए। धामी ने कहा कि यदि कांग्रेस इस टिप्पणी से सहमत नहीं है, तो उसे सार्वजनिक रूप से अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कथित टिप्पणी का भी जिक्र किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि डोभाल के बारे में टिप्पणी किए जाने के बावजूद कांग्रेस के नेता चुप हैं। धामी ने कहा कि यदि कांग्रेस इन टिप्पणियों से सहमत नहीं है, तो उसके नेताओं को सामने आकर अपनी बात रखनी चाहिए। धामी के बयान ऐसे समय आए हैं, जब अखिलेश यादव की उत्तराखंड से जुड़े लोगों पर की गई टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने इस बयान की आलोचना की है। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से सफाई दी गई है कि अखिलेश यादव की टिप्पणी किसी व्यक्ति के संदर्भ में थी, न कि उत्तराखंड के सभी लोगों के लिए।
अखिलेश यादव के बयान पर कांग्रेस से मांगा जवाब
नगर निगम की ओर से आयोजित महर्षि वाल्मीकि जयंती की शोभायात्रा के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों के मान-सम्मान और गौरव से बड़ा कुछ नहीं है। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के राजनीतिक संबंधों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या कांग्रेस अखिलेश यादव के बयान से सहमत है। धामी ने कहा कि यदि कांग्रेस इस टिप्पणी का समर्थन नहीं करती, तो उसे अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उनके मुताबिक, राजनीतिक गठबंधन अपनी जगह है, लेकिन उत्तराखंड के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर कांग्रेस को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गठबंधन की मजबूरी हो सकती है, लेकिन उत्तराखंड की जनता के सामने ऐसी कोई मजबूरी नहीं है कि वह किसी राजनीतिक दल को यहां अपनी जगह बनाने दे।
अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर विवाद तब शुरू हुआ, जब उन्होंने उत्तर प्रदेश में कथित घुसपैठ के मुद्दे पर सवालों का जवाब देते हुए उत्तराखंड से जुड़े व्यक्ति का उल्लेख किया था। इस बयान को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संदर्भ में देखा गया। इसके बाद धामी ने इसे उत्तराखंड के लोगों के सम्मान और राज्य के संघर्ष से जोड़ते हुए आलोचना की। समाजवादी पार्टी की ओर से इस विवाद पर सफाई दी गई कि अखिलेश यादव की टिप्पणी किसी व्यक्ति को लेकर थी, न कि उत्तराखंड के लोगों का सामूहिक रूप से अपमान करने के लिए। ऐसे में बयान को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। धामी ने इसी विवाद के संदर्भ में कांग्रेस से पूछा कि वह अपने राजनीतिक सहयोगी के बयान पर क्या रुख रखती है।
उत्तराखंड राज्य आंदोलन और गोलीकांड की घटनाओं का किया जिक्र
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान हुई गोलीबारी की घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा समेत मसूरी और खटीमा में आंदोलनकारियों पर हुई गोलीबारी का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लोग अपने राज्य के लिए किए गए संघर्ष और बलिदान को नहीं भूले हैं। उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर 1994 में आंदोलन तेज हुआ था। इसी दौरान रामपुर तिराहा और अन्य स्थानों पर आंदोलनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और गोलीबारी की घटनाएं हुई थीं। रामपुर तिराहा की घटना उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में हुई थी। मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक और अखिलेश यादव के पिता थे।
धामी ने इन घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लोगों के संघर्ष और बलिदान को याद रखा जाना चाहिए। उन्होंने अखिलेश यादव की टिप्पणी को इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जोड़कर सवाल उठाया। मुख्यमंत्री का कहना था कि राज्य की पहचान, सम्मान और आंदोलन के इतिहास से जुड़े विषयों पर राजनीतिक दलों को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। उत्तराखंड राज्य आंदोलन की घटनाएं प्रदेश की राजनीतिक और सामाजिक स्मृति का अहम हिस्सा हैं। अलग राज्य की मांग के दौरान आंदोलनकारियों ने लंबे समय तक प्रदर्शन किए थे। राज्य गठन के बाद भी इन घटनाओं को लेकर जवाबदेही और आंदोलनकारियों के सम्मान का मुद्दा समय-समय पर राजनीतिक बहस में उठता रहा है।
अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर भी घेरा
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का जिक्र करते हुए कहा कि उनका जन्म उत्तराखंड में हुआ है और उन्होंने अपना जीवन देश की सेवा तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कार्यों में लगाया है। धामी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने डोभाल के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने इस पर स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी। धामी ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या उसके नेता राहुल गांधी की टिप्पणी से सहमत हैं। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी इस तरह की भाषा का समर्थन नहीं करती, तो उसके नेताओं को खुलकर अपना पक्ष रखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा और उत्तराखंड के गौरव से जुड़े विषयों पर कांग्रेस की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए।
इससे पहले भी धामी अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेताओं से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने डोभाल के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के सम्मान से जुड़े विषयों पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर बात की जानी चाहिए। हालांकि, राहुल गांधी की टिप्पणी और उस पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया के संदर्भ में संबंधित बयानों को उनके राजनीतिक संदर्भ के साथ देखना जरूरी है। इस कार्यक्रम में धामी ने इन टिप्पणियों का हवाला देकर कांग्रेस नेताओं से सवाल किए, लेकिन कांग्रेस की ओर से इस कार्यक्रम में उठाए गए सवालों पर कोई जवाब दिए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच उत्तराखंड के सम्मान का मुद्दा
महर्षि वाल्मीकि जयंती के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी के संबोधन का बड़ा हिस्सा कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बयानों पर केंद्रित रहा। उन्होंने एक ओर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर कांग्रेस की स्थिति पूछी, वहीं दूसरी ओर अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की कथित टिप्पणी को लेकर भी सवाल उठाए। इस राजनीतिक विवाद में उत्तराखंड के राज्य आंदोलन का इतिहास भी चर्चा के केंद्र में रहा। धामी ने रामपुर तिराहा, मसूरी और खटीमा की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य के लोगों के संघर्ष और बलिदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके बयान से साफ है कि प्रदेश सरकार इस मुद्दे को उत्तराखंड की पहचान और सम्मान से जोड़कर उठा रही है। फिलहाल अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। धामी ने इस विवाद में कांग्रेस को भी शामिल करते हुए उससे अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की है। अजीत डोभाल को लेकर राहुल गांधी की कथित टिप्पणी पर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।
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