Uttarakhand News: उत्तराखंड के दूरस्थ सीमांत क्षेत्रों को साहसिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर उभारने की दिशा में रविवार को एक बड़ा अध्याय जुड़ा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पिथौरागढ़ के सीमांत गांव गुंजी पहुंचकर उच्च हिमालयी क्षेत्र में आयोजित ‘आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0’ में प्रतिभाग किया। (CM Pushkar Singh Dhami Pithoragarh) शून्य से नीचे जाते तापमान, सीमित ऑक्सीजन और बेहद दुर्गम रास्तों के बीच आयोजित इस मैराथन में देश भर से पहुंचे धावकों के जज्बे की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने 70 किलोमीटर और 42 किलोमीटर दौड़ के विजेताओं को मेडल व पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
गुंजी पहुंचने पर स्थानीय रं समुदाय के लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा पहनाकर मुख्यमंत्री का भव्य और आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान सीमांत इलाके की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अनूठी परंपराओं की मनमोहक झलक देखने को मिली।
“अंतिम नहीं, देश के प्रथम गांव बन रहे हैं सीमांत इलाके”
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन महज एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अदम्य साहस, संकल्प और आत्मविश्वास की कठिन परीक्षा है। (Gunji Rann Community Welcome) उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत देश के सीमांत गांवों को अंतिम के बजाय ‘प्रथम गांव’ के रूप में तेजी से विकसित किया जा रहा है।
सीएम ने बताया कि वर्ष 2025 में आयोजित इसके प्रथम संस्करण की सफलता के बाद इस क्षेत्र में इनर लाइन परमिट (Inner Line Permit) लेने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। होमस्टे संचालकों, स्थानीय गाइडों, परिवहन व्यवसायियों और खानपान से जुड़े लोगों को इस साहसिक पर्यटन का सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है, जिससे युवाओं के स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खुले हैं और पलायन रोकने में मदद मिल रही है।
सेना, आईटीबीपी और एसएसबी के जवानों को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इस विशाल आयोजन को निर्विघ्न संपन्न कराने में जुटी भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अधिकारियों और जवानों के योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि हमारे वीर जवान एक तरफ शून्य से नीचे के तापमान में देश की बर्फीली सीमाओं की चौकसी करते हैं, तो दूसरी तरफ इस तरह के साहसिक आयोजनों को सफल बनाकर सीमांत क्षेत्र के विकास में ढाल बनते हैं।
मई 2027 में माणा पास से औली तक आयोजित होगी ऐतिहासिक ‘100 माइल्स अल्ट्रा रन’
इस मंच से मुख्यमंत्री धामी ने खेल और साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष मई 2027 के प्रथम सप्ताह में राज्य सरकार की देखरेख में ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’ का आयोजन किया जाएगा। यह ऐतिहासिक दौड़ समुद्र तल से करीब 5,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माणा पास (Mana Pass) से शुरू होकर विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम और जोशीमठ होते हुए औली (Auli) तक पहुंचेगी।
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड को दुनिया का एडवेंचर स्पोर्ट्स हब बनाने के लिए नीति घाटी में अल्ट्रा रन के अलावा ट्रेकिंग, माउंटेन बाइकिंग, पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग और कायकिंग जैसी गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।
समारोह में उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष अशोक सिंह नबियाल, पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, सीडीओ डॉ. दीपक सैनी सहित सेना व अर्धसैनिक बलों के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
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