Mahendragarh News: हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय 48वें अखिल भारतीय लेखांकन सम्मेलन एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश भर से 800 से अधिक शिक्षाविदों, शोधार्थियों और प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और 500 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए।
सत्र की अध्यक्षता करते हुए एपीएस विश्वविद्यालय, रीवा के पूर्व कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और अमेरिका-चीन के बीच बदलते समीकरणों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया ‘डी-ग्लोबलाइज़ेशन’ के दौर से गुजर रही है, जिसमें अमेरिका के कड़े टैरिफ और आप्रवासन कानून तथा एआई का बढ़ता दखल बड़ी चुनौतियां हैं।

वहीं, संगम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. करुणेश सक्सेना ने कौटिल्य के अर्थशास्त्र और वेदों का हवाला देते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक लेखांकन के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
राजस्थान के राज्यपाल के सलाहकार प्रो. कैलाश सोडाणी ने चिंता जताई कि वाणिज्य पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या घट रही है, इसलिए पाठ्यक्रम में एआई जैसे आधुनिक विषयों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। राज ऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमन कुमार दवे ने इस आयोजन को ‘शैक्षणिक महाकुंभ’ करार दिया। हकेवि के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों को केवल उत्तर देने वाला नहीं, बल्कि सही सवाल पूछने वाला बनाएं।
समापन समारोह के दौरान इंडियन अकाउंटिंग एसोसिएशन (IAA) के नए पदाधिकारियों की घोषणा कर उन्हें कार्यभार सौंपा गया। विद्यासागर विश्वविद्यालय के प्रो. अरिंदम गुप्ता ने संघ के नए अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला, जबकि हकेवि के वाणिज्य विभाग के प्रो. राजेंद्र प्रसाद मीणा को एसोसिएशन का कनिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया।
इसके अलावा, सम्मेलन के विभिन्न तकनीकी सत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शोध-पत्रों को पुरस्कृत किया गया, जिसमें हकेवि की वाणिज्य विभाग की छात्राएं अन्नू और प्रेरणा भी शामिल रहीं।
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