September 25, 2026

Waris Punjab De : पूर्व ईडी अधिकारी निरंजन सिंह और पूर्व डीएसपी बलविंदर सेखों ने थामा ‘वारिस पंजाब दे’ का दामन

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Waris Punjab De : पूर्व ईडी अधिकारी निरंजन सिंह और पूर्व डीएसपी बलविंदर सेखों ने थामा 'वारिस पंजाब दे' का दामन

पूर्व ईडी अधिकारी निरंजन सिंह और पूर्व डीएसपी बलविंदर सेखों ने थामा 'वारिस पंजाब दे' का दामन

Waris Punjab De : पंजाब की सियासत में बुधवार को एक चौंकाने वाला और बड़ा बदलाव देखने को मिला। कभी कानून के दायरे में रहकर बड़े-बड़े मामलों की परतें उघाड़ने वाले दो बड़े चेहरे अब सीधे तौर पर राजनीतिक मैदान में उतर आए हैं।

चर्चित भोला ड्रग्स मामले में मनी-लॉन्ड्रिंग की तह तक जाने वाले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पूर्व अधिकारी निरंजन सिंह और पंजाब पुलिस के महकमे में अपनी बेबाकी के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों ने ‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ का दामन थाम लिया है। इन दोनों अधिकारियों ने चंडीगढ़ में पार्टी नेताओं, सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह और विधायक मनप्रीत सिंह अयाली की मौजूदगी में आधिकारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ली।

ड्रग्स के नासूर और राजनीतिक गठजोड़ पर तीखा हमला

पार्टी में शामिल होने के बाद पूर्व ईडी अधिकारी निरंजन सिंह ने अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए राज्य की व्यवस्था पर बेबाक राय रखी। उन्होंने बताया कि भले ही वे करीब पांच-छह साल पहले सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन पंजाब की रगों में फैल चुका ड्रग्स का जहर आज भी जस का तस बना हुआ है।

उन्होंने सरकारों के उन तमाम वादों पर सवाल उठाए जिनमें नशा खत्म करने के दावे किए जाते रहे हैं। निरंजन सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य में ड्रग माफिया पूरी तरह से राजनीतिक नेताओं और खाकी के संरक्षण में फल-फूल रहा है। उनके मुताबिक, इस नापाक गठजोड़ को तोड़ने के लिए अब खुलकर आवाज उठाने की सख्त जरूरत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले नेता खुद को जनता का सेवक बताते हैं, लेकिन कुर्सी पर बैठते ही राजाओं की तरह पेश आने लगते हैं।

अमृतपाल सिंह की हिरासत और व्यवस्था पर सवाल

इस दौरान विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने भी प्रेस को संबोधित करते हुए राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने ड्रग्स के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम को अपनी पार्टी का मुख्य संकल्प बताया और साथ ही जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह की निरंतर कैद का मुद्दा भी उठाया। अयाली का दावा है कि अमृतपाल सिंह को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए एक बड़ा अभियान चला रहे थे।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) के मामलों में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें अभी तक रिहा नहीं किया गया है, जो सीधे तौर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान है।

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