Woman Doctor Assault: महाराष्ट्र के वर्धा जिले में स्वास्थ्य केंद्र के भीतर महिला मेडिकल अधिकारी के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना आष्टी तालुका के तालेगांव श्यामजी पंत स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की है। यहां पुलिस एक आरोपी को मेडिकल जांच के लिए लेकर पहुंची थी। आरोप है कि आरोपी शराब के नशे में था और इसी दौरान उसने महिला मेडिकल अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार करते हुए उन पर हमला कर दिया। यह घटना बुधवार आधी रात के आसपास हुई। जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने महिला डॉक्टर को थप्पड़ मारा और उनके साथ अभद्र तथा अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया। मेडिकल जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंची टीम के सामने हुई इस घटना ने स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
घटना के बाद आरोपी को आउट पेशेंट विभाग (OPD) से बाहर ले जाया गया, लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी उसने महिला मेडिकल अधिकारी को अपशब्द कहना जारी रखा। स्वास्थ्य केंद्र में हुई इस घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो जिले के मेडिकल अधिकारियों ने भी इसका विरोध किया।
दो पुलिसकर्मियों और तीन होमगार्ड के साथ पहुंचा था आरोपी
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी की पहचान तालेगांव निवासी कादिर अली रज्जाक अली के रूप में हुई है। उसे पुलिस के दो कर्मियों और तीन होमगार्ड के साथ मेडिकल जांच के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। इसी दौरान महिला मेडिकल अधिकारी के साथ कथित मारपीट की घटना हुई। आरोप है कि आरोपी ने डॉक्टर को थप्पड़ मारने के साथ उनके खिलाफ अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद उसे OPD से बाहर ले जाया गया, लेकिन वहां से हटाए जाने के बाद भी उसका कथित दुर्व्यवहार नहीं रुका। घटना के समय पुलिसकर्मियों और होमगार्ड की मौजूदगी का उल्लेख भी सामने आया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी को स्वास्थ्य केंद्र किस मामले में मेडिकल जांच के लिए लाया गया था और घटना के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की।
स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल जांच के दौरान डॉक्टर के साथ इस तरह की घटना ने ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। मेडिकल अधिकारी मरीजों और पुलिस के जरिए लाए गए आरोपियों की जांच जैसी जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र परिसर में हिंसा की घटनाएं उनके कामकाज और सुरक्षा, दोनों को प्रभावित कर सकती हैं।
CCTV फुटेज वायरल होने के बाद मेडिकल अधिकारियों का विरोध
बुधवार आधी रात के आसपास हुई घटना का CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद गुरुवार को वर्धा जिले के मेडिकल अधिकारियों ने विरोध जताते हुए काम का बहिष्कार किया। यह विरोध महिला मेडिकल अधिकारी के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना के बाद सामने आया। काम के बहिष्कार के जरिए मेडिकल अधिकारियों ने स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी के दौरान सुरक्षा के मुद्दे को उठाया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि बहिष्कार कितने समय तक चला, कितने स्वास्थ्यकर्मी इसमें शामिल हुए या स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका कितना असर पड़ा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों का ध्यान भी स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा की ओर गया है। स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों को मरीजों की जांच के साथ-साथ आपात स्थितियों में भी काम करना पड़ता है। ऐसे में उनके साथ मारपीट या धमकी की घटनाएं काम के माहौल को प्रभावित कर सकती हैं।
छह महीने पहले भी डॉक्टर पर हमले की घटना
जानकारी के मुताबिक, इसी क्षेत्र में करीब छह महीने पहले भी एक मरीज के रिश्तेदार ने डॉक्टर पर हमला किया था। अब महिला मेडिकल अधिकारी के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता फिर बढ़ गई है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच यह सवाल उठ रहा है कि स्वास्थ्य केंद्रों में ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों और कर्मचारियों को हिंसा से बचाने के लिए किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है। खासकर तब, जब पुलिस किसी आरोपी को मेडिकल जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र लेकर आती है और जांच के दौरान तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो जाती है। हालांकि, छह महीने पहले हुई घटना और मौजूदा मामले के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों घटनाओं का उल्लेख अलग-अलग घटनाओं के तौर पर किया गया है। पुराने मामले में कार्रवाई की स्थिति के बारे में भी उपलब्ध जानकारी में विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।
इलाके में शराब, गांजा और गुटखा की कथित अवैध बिक्री का मुद्दा भी उठा
इस मामले के साथ क्षेत्र में शराब, गांजा और गुटखा की कथित अवैध बिक्री को लेकर शिकायतों का भी उल्लेख सामने आया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन शिकायतों के संबंध में किसी कार्रवाई, बरामदगी या आधिकारिक जांच का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इन आरोपों को मौजूदा हमले का कारण मानने की पुष्टि नहीं की जा सकती। फिलहाल मुख्य मामला महिला मेडिकल अधिकारी के साथ कथित मारपीट और अभद्रता का है। पुलिस आरोपी को मेडिकल जांच के लिए लेकर आई थी और घटना स्वास्थ्य केंद्र के भीतर हुई। CCTV फुटेज वायरल होने के बाद मेडिकल अधिकारियों ने विरोध दर्ज कराया है। उपलब्ध जानकारी में आरोपी के खिलाफ दर्ज FIR, गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं है। मामले में आगे की कार्रवाई और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी के खिलाफ किन धाराओं में कार्रवाई की गई है।
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