Faridabad News: हरियाणा के फरीदाबाद जिले में अरावली की तलहटी में बसे भाखरी गांव में शनिवार दोपहर उस वक्त स्थिति बेकाबू हो गई, जब डंपिंग यार्ड के खिलाफ चल रहा ग्रामीणों का शांत प्रदर्शन संग्राम में बदल गया। अरावली के संवेदनशील प्राकृतिक क्षेत्र में नगर निगम द्वारा बनाए जा रहे कूड़ा निस्तारण केंद्र के विरोध में ग्रामीण पिछले 11 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर डटे हुए थे।
शनिवार को जब पुलिस प्रशासन की टीम धरनास्थल को जबरन खाली कराने पहुंची, तो आक्रोशित ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी कहासुनी हो गई। माहौल बिगड़ता देख ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके जवाब में पुलिस को भी कड़ा रुख अख्तियार करना पड़ा। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की और पथराव में कई लोगों को हल्की चोटें आने की सूचना है।
सड़क पर लाठियां लेकर डट गईं महिलाएं, पुलिस ने उखाड़ा टेंट
प्रदर्शन को दबाने के लिए जैसे ही पुलिस ने प्रशासनिक अमले के साथ कार्रवाई शुरू की, गांव की महिलाएं मोर्चा संभालते हुए सड़क पर कुर्सियां डालकर बैठ गईं। हाथों में लाठियां थामे महिलाओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ उग्र नारेबाजी की और डंपिंग यार्ड का काम तुरंत रोकने की मांग पर अड़ गईं।
स्थिति को नियंत्रण से बाहर होता देख मौके पर भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल और महिला पुलिस कर्मियों को बुलाया गया। पुलिस बल ने लाठियां लेकर बैठी महिला प्रदर्शनकारियों को जबरन मौके से खदेड़ा और कई लोगों को पुलिस वैन में बैठाकर हिरासत में ले लिया। इसके बाद प्रशासन ने जेसीबी (JCB) मशीन की मदद से धरनास्थल पर गाड़े गए टेंट और कुर्सियों को उखाड़कर पूरा मैदान साफ करवा दिया।
पर्यावरण और भूमिगत जल के दूषित होने का मंडरा रहा खतरा
आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का साफ कहना है कि अरावली क्षेत्र पर्यावरण के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील इलाका है। यहां रोजाना शहर का सैकड़ों टन कचरा डालने से न केवल इस प्राकृतिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति पहुंचेगी, बल्कि कचरे से रिसने वाला जहरीला पानी (लीचेट) जमीन के भीतर जाकर पूरे इलाके के भूमिगत जल को पूरी तरह दूषित कर देगा।
ग्रामीणों का तर्क है कि दूषित पानी से आसपास के दर्जनों गांवों की पेयजल व्यवस्था बर्बाद हो जाएगी और गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा पैदा हो जाएगा। इसी डर के कारण पूरा गांव पिछले 11 दिनों से इस परियोजना का पुरजोर विरोध कर रहा था। फिलहाल, इस हिंसक झड़प के बाद भाखरी गांव और आसपास के इलाके में भारी तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने ऐहतियात के तौर पर पुलिस की कई टुकड़ियों को तैनात कर दिया है।
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