Yamunanagar Food Raid: त्योहारों के सीजन में मिठाइयों और दूध से बने उत्पादों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी बीच यमुनानगर में फूड सेफ्टी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 200 किलो संदिग्ध पनीर पकड़ा है। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि कैथल जिले के कलायत से महिंद्रा पिकअप में पनीर की खेप यमुनानगर लाई जा रही है। इसके बाद टीम ने दशमेश कॉलोनी में घेराबंदी कर गाड़ी को रोक लिया।
गुप्त सूचना पर दशमेश कॉलोनी में कार्रवाई
विभाग को सूचना मिली थी कि कलायत से बड़ी मात्रा में पनीर यमुनानगर पहुंचाया जा रहा है। इसके बाद फूड सेफ्टी विभाग और पुलिस की टीम ने दशमेश कॉलोनी में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध वाहन के पहुंचते ही कार्रवाई की। बताया गया कि मौके पर पनीर लेने के लिए कुछ लोग पहुंचे हुए थे। टीम को देखकर वे वहां से भाग निकले। जिस घर में पनीर रखने की व्यवस्था थी, वहां मौजूद व्यक्ति भी फरार हो गया। हालांकि, पुलिस ने पिकअप चालक सोनू को हिरासत में ले लिया।
150 से 200 रुपये किलो में खरीदा जा रहा था पनीर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कलायत से यह पनीर 150 से 200 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जा रहा था। आगे इसे बाजारों और दुकानों में 250 से 300 रुपये प्रति किलो के भाव पर बेचने की योजना बताई गई है।
पकड़े गए चालक सोनू ने बताया कि वह पहली बार इस गाड़ी में पनीर लेकर यमुनानगर आया था। उसका कहना है कि उसे पनीर की गुणवत्ता के बारे में जानकारी नहीं है। हालांकि, पनीर की वास्तविक गुणवत्ता और उसमें मिलावट हुई थी या नहीं, इसकी पुष्टि लैब जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
करीब 200 किलो पनीर के सैंपल जांच के लिए भेजे
कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 200 किलो संदिग्ध पनीर अपने कब्जे में लिया। अधिकारियों ने आवश्यक सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य यह पता लगाना है कि पनीर खाने योग्य है या उसमें किसी तरह की मिलावट की गई है।
शेष पनीर को मौके पर ही नष्ट करने की कार्रवाई की गई। इसके लिए पश्चिमी यमुना नहर के किनारे जेसीबी से गड्ढा खुदवाया गया और पनीर को जमीन में दबा दिया गया। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही पनीर की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
त्योहारों पर मिलावट रोकने के लिए विशेष अभियान
फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, त्योहारों को देखते हुए मिलावट के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की आपूर्ति पर नजर रखी जा रही है, ताकि लोगों तक असुरक्षित खाद्य सामग्री न पहुंचे।
मामले में पुलिस और विभाग की टीम उन लोगों की तलाश कर रही है, जो पनीर की खेप मंगवाने और उसे स्टोर करने में शामिल बताए जा रहे हैं। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि पनीर कहां तैयार किया गया था और इसकी सप्लाई किन दुकानों या बाजारों तक होनी थी।
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