Yudh Nashe Virudh: चंडीगढ़ में युवाओं को नशे से दूर रखने और खेलों की ओर आकर्षित करने के लिए पुलिस ने कबड्डी के मैदान को जागरूकता का मंच बनाया। चंडीगढ़ पुलिस के ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत शुक्रवार को सारंगपुर में कबड्डी टूर्नामेंट आयोजित किया गया। इसमें चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों की 16 टीमों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों के बीच मुकाबले इतने कड़े रहे कि कई मैचों में आखिरी अंक तक जीत-हार का फैसला नहीं हो पाया। टूर्नामेंट देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे और देर शाम तक मैदान में खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते रहे। कई मुकाबलों में दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरा जोर लगाया। एक मैच में केवल एक अंक के अंतर से विजेता का फैसला हुआ। चंडीगढ़ पुलिस ने इस आयोजन के जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपनी ऊर्जा खेलों में लगाने का संदेश दिया।
सारंगपुर में आयोजित इस टूर्नामेंट में गोरखा रेजीमेंट की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। विजेता टीम को 21 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। दूसरे स्थान पर रही टीम को 15 हजार रुपये का इनाम मिला। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उपविजेता टीम का नाम नहीं बताया गया है। टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी ताकत, फुर्ती और टीमवर्क का प्रदर्शन किया। अगले दौर में पहुंचने के लिए हर टीम ने विरोधी खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती दी। कई मुकाबलों में दोनों पक्षों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, जिससे दर्शकों की दिलचस्पी लगातार बनी रही। इस आयोजन का संचालन सारंगपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अशोक कुमार की ओर से किया गया। टूर्नामेंट में 16 टीमों की भागीदारी ने स्थानीय स्तर पर युवाओं को खेल के साथ जोड़ने का अवसर दिया। ऐसे आयोजनों से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ प्रतिस्पर्धात्मक खेल का अनुभव भी मिलता है।
SSP कंवरदीप कौर ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
टूर्नामेंट के दौरान चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर भी पहुंचीं। उन्होंने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया और युवाओं को खेल गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रोत्साहित करना है। ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत आयोजित इस प्रतियोगिता में खेल को जागरूकता का माध्यम बनाया गया। कबड्डी जैसे खेल में शारीरिक क्षमता के साथ अनुशासन, नियमित अभ्यास और टीम के साथ तालमेल की जरूरत होती है। पुलिस का प्रयास है कि युवा अपनी ऊर्जा खेलों और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में लगाएं।
टूर्नामेंट दोपहर 2 बजे शुरू हुआ और देर शाम तक चला। मैदान में खिलाड़ियों के बीच मुकाबले जारी रहे, जबकि दर्शक भी हर अंक पर उत्साह दिखाते रहे। एक मैच में जीत का अंतर केवल एक अंक रहा, जिससे मुकाबले का रोमांच आखिरी क्षण तक बना रहा। चंडीगढ़ पुलिस का मानना है कि नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए युवाओं तक सीधे पहुंचना जरूरी है। खेल प्रतियोगिताएं इस दिशा में एक माध्यम बन सकती हैं, क्योंकि इनके जरिए युवाओं को स्वस्थ दिनचर्या, मेहनत और टीम भावना से जुड़ने का अवसर मिलता है। सारंगपुर में हुए इस टूर्नामेंट में पुलिस ने खेल और नशा विरोधी संदेश को एक साथ जोड़ने की कोशिश की। नशे के खिलाफ चंडीगढ़ में उमड़ा जनसैलाब, प्रशासक ने खुद थामी संकल्प यात्रा की कमान

