RBI Repo Rate Update: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, फिलहाल नहीं बढ़ेगी या घटेगी आपकी EMI
रेपो रेट 5.25% पर बरकरार
RBI Repo Rate Update: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीसरी बैठक में रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखने का फैसला किया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इस निर्णय की घोषणा करते हुए बताया कि फिलहाल नीतिगत ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका सीधा असर यह होगा कि होम लोन, कार लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज की EMI में अभी कोई बदलाव नहीं होगा। यह लगातार तीसरी बैठक है, जिसमें RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। ऐसे में नए और मौजूदा दोनों तरह के कर्ज लेने वाले ग्राहकों को फिलहाल राहत मिली है क्योंकि ब्याज दरें न बढ़ेंगी और न ही घटेंगी।
इस वित्त वर्ष की तीसरी MPC बैठक में फैसला
RBI की मौद्रिक नीति समिति की इस वित्त वर्ष में यह तीसरी बैठक थी। इससे पहले जून में हुई बैठक में भी रेपो रेट 5.25% पर ही बरकरार रखा गया था। हालांकि उस समय केंद्रीय बैंक ने वर्ष 2027 के लिए महंगाई का अनुमान 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया था।
वित्त वर्ष के दौरान कुल छह मौद्रिक नीति बैठकें प्रस्तावित हैं। अप्रैल में पहली, जून में दूसरी और अब तीसरी बैठक में भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
महंगाई पर नजर, दिसंबर में बदल सकते हैं ब्याज दरों के समीकरण
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में महंगाई की चाल RBI के अगले फैसलों को प्रभावित करेगी। इक्विरस सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड मौलिक पटेल के अनुसार पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें और मौसम से जुड़े जोखिम महंगाई पर दबाव बनाए हुए हैं। इसी वजह से पूरे साल खुदरा महंगाई (CPI) करीब 4.9% रहने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर सख्त मौद्रिक नीतियों को देखते हुए RBI फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए है। यदि महंगाई ऊंचे स्तर पर बनी रहती है तो दिसंबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में 25 बेसिस पॉइंट तक रेपो रेट बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।
रेपो रेट क्या है और आपकी EMI पर इसका क्या असर पड़ता है?
रेपो रेट वह ब्याज दर होती है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक कर्ज उपलब्ध कराता है। जब RBI रेपो रेट बढ़ाता है तो बैंकों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है। इसके बाद बैंक होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं, जिससे ग्राहकों की EMI भी बढ़ जाती है।
इसके विपरीत जब RBI रेपो रेट घटाता है तो बैंकों को सस्ती दर पर फंड मिलता है। इसका फायदा ग्राहकों तक कम ब्याज दर और कम EMI के रूप में पहुंच सकता है। यही वजह है कि रेपो रेट में हर बदलाव का सीधा असर करोड़ों लोन धारकों और नए कर्ज लेने वालों पर पड़ता है।
आम लोगों के लिए इस फैसले का क्या मतलब है?
रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने से मौजूदा फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की EMI फिलहाल स्थिर रहेगी। नए कर्ज लेने वाले ग्राहकों को भी मौजूदा ब्याज दरों पर ही लोन मिलने की संभावना है। हालांकि आने वाले महीनों में महंगाई और आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर RBI की अगली बैठकों के फैसलों पर सभी की नजर रहेगी।
