Punjab Assembly News: बेअदबी कानून पर पंजाब विधानसभा में जोरदार हंगामा, गनीव कौर और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक
बेअदबी कानून पर पंजाब विधानसभा में जोरदार हंगामा
Punjab Assembly News: पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन बेअदबी कानून को लेकर सदन का माहौल गर्म हो गया। कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए रोष प्रदर्शन किया और अपने काम रोको प्रस्तावों पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। इसी दौरान शिरोमणि अकाली दल की विधायक गनीव कौर ने बेअदबी कानून को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बढ़ते हंगामे के कारण स्पीकर को सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सत्र के दौरान धार्मिक, राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। कांग्रेस, अकाली दल और आम आदमी पार्टी के विधायक कई बार आमने-सामने आ गए, जिससे सदन में शोर-शराबा बढ़ गया।
काम रोको प्रस्ताव पर कांग्रेस का प्रदर्शन
कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने अपने काम रोको प्रस्तावों पर सरकार से जवाब मांगा। इस पर स्पीकर ने कहा कि कांग्रेस की ओर से दिए गए प्रस्ताव स्वीकार कर लिए गए हैं। इसके बावजूद विपक्षी विधायक अपनी मांगों को लेकर सदन के बीच में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
इस दौरान अकाली दल के विधायक भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए, जिससे सदन का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
गनीव कौर ने उठाए सवाल, स्पीकर ने दिया जवाब
अकाली दल की विधायक गनीव कौर ने कहा कि बेअदबी कानून लाने से पहले सरकार ने श्री अकाल तख्त साहिब को विश्वास में नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का कदम श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती देने जैसा है।
इस पर स्पीकर ने स्पष्ट कहा कि “श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती देने की हिम्मत किसी की नहीं है।” इसके बाद विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती देने का काम पहले भी कुछ राजनीतिक नेताओं द्वारा किया गया था।
AAP और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप
हंगामे के दौरान आम आदमी पार्टी के विधायक भी विरोध में उतर आए। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज विरोध कर रहे हैं, वे पहले भी श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का उल्लंघन कर चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस पर भी कई राजनीतिक आरोप लगाए और कहा कि उनके पास अपने दावों के समर्थन में सबूत हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस और अकाली दल के विधायकों ने भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी। सदन में लगातार शोर-शराबे के बीच कार्यवाही बाधित होती रही।
स्पीकर ने दिए शब्द हटाने के निर्देश
हंगामे के दौरान स्पीकर ने गनीव कौर के कुछ शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है। इसके बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई और अन्य विभागों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा आगे बढ़ी।
रोजगार और खाद की गुणवत्ता का मुद्दा भी उठा
सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने राज्य सरकार से सरकारी नौकरियों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कई पदों पर बाहरी राज्यों के लोगों को नियुक्त किया जा रहा है।
वहीं कृषि से जुड़े मुद्दों पर विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने नकली खाद बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई का सवाल उठाया। जवाब में कृषि मंत्री गुरमीत सिंह ने कहा कि सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि दो बड़ी कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और दो कंपनियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी अनियमितता सामने आती है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
