Mission Vatsalya Haryana: संस्थाओं से बाहर निकलकर परिवार की छांव में पलेंगे बच्चे, नारनौल में फोस्टर केयर योजना शुरू
संस्थाओं से बाहर निकलकर परिवार की छांव में पलेंगे बच्चे, नारनौल में फोस्टर केयर योजना शुरू
Mission Vatsalya Haryana: अपनों का साथ छूट जाने या विषम परिस्थितियों के कारण बेसहारा हुए बच्चों की जिंदगी में अब उम्मीद की एक नई किरण जगने जा रही है। ऐसे बच्चों को किसी अनाथालय या संस्था की चारदीवारी में रखने के बजाय एक असली पारिवारिक माहौल देने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है।
नारनौल में उपायुक्त अनुपमा अंजली ने जिलावासियों से दिल से अपील की है कि वे महिला एवं बाल विकास विभाग की ‘मिशन वात्सल्य’ योजना के अंतर्गत आने वाली ‘फोस्टर केयर’ यानी पालक परिवार योजना से जुड़ें। इस अनूठी पहल का मूल उद्देश्य उन मासूमों को अपनेपन का दुलार और एक सुरक्षित आशियाना देना है, जो किन्हीं कारणों से अपने जैविक परिवारों के साथ नहीं रह पा रहे हैं।
इस तरह तय होती है पूरी प्रक्रिया
पारिवारिक माहौल में पलने-बढ़ने वाले बच्चे का मानसिक और शारीरिक विकास बेहतर तरीके से होता है, और यही बात इस योजना की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जिला प्रशासन के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है। योजना के तहत किसी भी बच्चे की पात्रता का निर्धारण जिला बाल कल्याण समिति द्वारा किया जाता है। इसके बाद, महेंद्रगढ़ स्थित जिला बाल संरक्षण इकाई पालक परिवारों का पंजीकरण करने से लेकर उनका गृह अध्ययन, कागजी जांच और समय-समय पर बच्चों की देखरेख की नियमित मॉनिटरिंग का जिम्मा संभालती है।महेंद्र
सरकार देगी हर महीने आर्थिक सहायता
बच्चों की परवरिश के दौरान पालक परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। योजना के तहत पात्र पालक परिवारों को बच्चे के पालन-पोषण, खानपान और पढ़ाई-लिखाई के लिए 4000 रुपये प्रति माह प्रति बच्चा वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
उपायुक्त ने जिले के संभ्रांत नागरिकों, सामाजिक संगठनों और तमाम इच्छुक परिवारों से पुरजोर अपील की है कि वे आगे आएं और इस नेक काम में अपनी हिस्सेदारी निभाएं। जो परिवार इस योजना से जुड़ना चाहते हैं, वे नारनौल स्थित जिला बाल संरक्षण इकाई के कार्यालय में जा सकते हैं या फिर अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 01282-254721 पर संपर्क कर सकते हैं।
