Rajaund News: हरियाणा में बिजली निजीकरण के खिलाफ रोष, राजौंद में कर्मचारियों की गेट मीटिंग, 11 अगस्त से हड़ताल का अल्टीमेटम

हरियाणा में बिजली निजीकरण के खिलाफ रोष, राजौंद में कर्मचारियों की गेट मीटिंग
Rajaund News: हरियाणा सरकार द्वारा बिजली क्षेत्र में निजीकरण की आहट और पृथक ‘एग्री डिस्कॉम’ (Agri Discom) बनाने की तैयारियों ने राज्यभर के पावर कॉरपोरेशन कर्मचारियों के बीच असंतोष की आग भड़का दी है। इस फैसले के पुरजोर विरोध में सोमवार, 10 अगस्त को कैथल जिले के राजौंद स्थित बिजली सब-यूनिट परिसर में एक विशाल रोष गेट मीटिंग का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शन हरियाणा बिजली कर्मचारी यूनियन एवं इंजीनियर एसोसिएशन के संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर किया गया, जिसमें कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
‘संतोषजनक समाधान नहीं तो होगी आर-पार की लड़ाई’
सब-यूनिट राजौंद के प्रधान अश्वनी ढांडा की अध्यक्षता में आयोजित इस मीटिंग का संचालन रमन ने किया। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गुरुग्राम जैसे विकसित शहर में निजी कंपनियों को समानांतर बिजली वितरण का लाइसेंस देना और कृषि क्षेत्र के लिए अलग डिस्कॉम बनाना सीधे तौर पर बिजली बोर्ड का निजीकरण करने की साजिश है। अश्वनी ढांडा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने इस जनविरोधी प्रस्ताव को तुरंत वापस नहीं लिया, तो राज्य के बिजली कर्मचारी आर-पार के आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
11 से 13 अगस्त तक ठप रहेगा काम, अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने प्रशासनिक अनदेखी पर नाराजगी जताते हुए आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय की है। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार अपनी हठधर्मिता पर अड़ी रही, तो 11, 12 और 13 अगस्त 2026 को पूरे प्रदेश में बिजली आपूर्ति और रखरखाव संबंधी कामकाज पूरी तरह से ठप रखा जाएगा। चेतावनी दी गई कि तीन दिवसीय हड़ताल के बाद भी यदि समाधान नहीं निकला, तो यह प्रदर्शन अनिश्चितकालीन राज्यव्यापी हड़ताल में तब्दील हो जाएगा। इसके अलावा, किसान संगठनों और आम उपभोक्ताओं को भी इस फैसले के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में एकजुट दिखे कर्मचारी व अधिकारी
राजौंद में आयोजित इस रोष प्रदर्शन में बिजली बोर्ड के निचले स्तर से लेकर अधिकारी वर्ग तक की मजबूत एकजुटता देखने को मिली। इस दौरान मुकेश कोटडा, कुलदीप बनवाला, रोहतास शर्मा, गुरुदेव, सचिव सुखदेव, अनिल, नरेश, शमशेर, मनोज, प्रवीण मंडी, राजेंद्र, जगदीश जेई, सियाराम जेई, आदित्य, संजय, मोहित और विकास समेत बड़ी संख्या में तकनीकी कर्मचारी और यूनियन प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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