Lado Laxmi Yojana Haryana: हरियाणा की महिलाओं के लिए बड़ी राहत, जानें लाडो लक्ष्मी योजना में क्या हुए नए बदलाव

हरियाणा की महिलाओं के लिए बड़ी राहत, जानें लाडो लक्ष्मी योजना में क्या हुए नए बदलाव
Lado Laxmi Yojana Haryana: हरियाणा की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा और जनहितैषी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ के नियमों में ढील देते हुए इसका दायरा काफी बढ़ा दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद अब 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाली बहन-बेटियां भी इस महत्वाकांक्षी योजना के दायरे में आ जाएंगी और उन्हें हर महीने 2,100 रुपये की सीधी वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
इससे पहले योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों की महिलाओं को मिल रहा था, जिनकी सालाना आय 1 लाख रुपये से कम थी। इस आय सीमा के कारण प्रदेश की कई जरूरतमंद महिलाएं योजना के लाभ से वंचित रह जाती थीं। लगातार मिल रहे सुझावों और जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पात्रता के मानदंडों में बदलाव का निर्णय लिया है। इस फैसले से अब राज्य की लाखों और महिलाएं वित्तीय सुरक्षा के दायरे में आ जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने जारी की 10वीं किस्त, 9.98 लाख से अधिक महिलाओं को मिला लाभ
चंडीगढ़ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को लाडो लक्ष्मी योजना की 10वीं किस्त के तहत राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की। इस बार प्रदेश की 9 लाख 98 हजार लाभार्थी महिलाओं के खातों में कुल 209 करोड़ 62 लाख रुपये की राशि सिंगल क्लिक के जरिए भेजी गई।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर आंकड़ों का ब्योरा देते हुए बताया कि सरकार अब तक 10 किस्तों के माध्यम से कुल 2,042 करोड़ 31 लाख रुपये की सहायता राशि महिलाओं के खातों में सीधे पहुंचा चुकी है। उन्होंने दोहराया कि सरकार का मुख्य ध्येय महिलाओं को अपने छोटे-मोटे खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने से बचाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
ऐप के जरिए आवेदन की प्रक्रिया हुई आसान
गौरतलब है कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर शुरू की गई ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ मोबाइल ऐप के जरिए अब आवेदन प्रक्रिया बेहद सुगम हो गई है। बढ़ी हुई आय सीमा के तहत आने वाली नई पात्र महिलाएं अब बिना किसी दफ्तरी भागदौड़ के सीधे इस ऐप के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकती हैं।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आय सीमा में इस बढ़ोतरी से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की मध्यम-निम्न वर्गीय महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार आएगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी तरलता बढ़ेगी।
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