Haryana News: हरियाणा में 44.84 लाख वोटरों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी, चुनाव आयोग ने 8.91 लाख को भेजा नोटिस

हरियाणा में 44.84 लाख वोटरों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी, चुनाव आयोग ने 8.91 लाख को भेजा नोटिस
Haryana News: हरियाणा में मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है।
राज्य के कुल 44.84 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में भारी अनियमितताएं पाई गई हैं। इनमें से 26 लाख से अधिक मतदाताओं के पर्सनल डेटा या पते में खामियां मिली हैं, जबकि 18 लाख से ज्यादा ऐसे वोटर हैं जिनका मिलान वर्ष 2002 की पुरानी मतदाता सूची से हो ही नहीं पाया है। इस विशाल गड़बड़ी पर संज्ञान लेते हुए निर्वाचन आयोग ने 10 अगस्त तक 8 लाख 91 हजार से ज्यादा मतदाताओं को कारण बताओ नोटिस थमा दिए हैं।
जिलेवार थमाए जा रहे नोटिस, सोनीपत और कुरुक्षेत्र सबसे आगे
नोटिस जारी करने के मामले में सोनीपत जिला सबसे ऊपर है, जहां अब तक 61 हजार वोटरों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। इसी तरह कुरुक्षेत्र में 60 हजार, औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में 55 हजार, झज्जर में 50 हजार और यमुनानगर में 45 हजार मतदाताओं को नोटिस दिए गए हैं। आयोग की ओर से इन सभी से पहचान और निवास से जुड़े दस्तावेज मांगकर रिकॉर्ड दुरुस्त कराने को कहा गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने सोमवार को प्रदेश के सभी उपायुक्तों-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने एसआईआर के तहत जारी पूरी प्रक्रिया की जिलेवार समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि डेटा दुरुस्तीकरण का यह कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरा होना चाहिए।
30 अगस्त तक दर्ज कराएं दावे और आपत्तियां, नए वोटरों के लिए लगेंगे विशेष कैंप
बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची से जुड़े किसी भी प्रकार के दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 30 अगस्त तय की गई है। इस दौरान राजनीतिक दलों के बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट) एक अंडरटेकिंग के साथ अधिकतम 30 फॉर्म संबंधित बीएलओ के पास जमा करा सकते हैं। अभियान के तहत अब तक नए वोटर बनने के लिए फॉर्म-6 के 17,926 और रिकॉर्ड में संशोधन कराने के लिए फॉर्म-8 के 17,647 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
आयोग ने युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए विशेष शिविर लगाने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि जो युवा पहली बार 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, उन्हें वोटर कार्ड जारी किए जा सकें। इसके अलावा फॉर्म 9, 10, 11, 11A और 11B में मिले दावों-आपत्तियों की साप्ताहिक रिपोर्ट सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ अनिवार्य रूप से साझा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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