Kaithal News: कैथल केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, फांसी की जगह 50 साल की कठोर उम्रकैद

कैथल केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, फांसी की जगह 50 साल की कठोर उम्रकैद
Kaithal News: हरियाणा के कैथल जिले को दहला देने वाले 7 साल की मासूम बच्ची के रेप और मर्डर केस में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दोषी पवन उर्फ मोनी को दी गई फांसी की सजा को भले ही उम्रकैद में बदल दिया हो, लेकिन इसके साथ ही अत्यंत सख्त शर्तें भी जोड़ दी हैं। अदालत के आदेश के मुताबिक, दोषी पवन को कम से कम 50 साल की वास्तविक सजा जेल में पूरी करनी होगी और इस दौरान उसे किसी भी तरह की सरकारी छूट या रिहाई का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा, अदालत ने उस पर 73 लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है।
73 लाख रुपये का जुर्माना पीड़ित परिवार को देने के निर्देश
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अनूप चितकारा की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि हालांकि फांसी की सजा को घटाया गया है, लेकिन शर्तें इतनी कठोर हैं कि आरोपी को अपने कृत्य का पूरा पछतावा होगा। कोर्ट ने माना कि यह फैसला समाज में एक मजबूत संदेश देता है कि न्याय प्रणाली केवल अपराधी को सजा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़ित परिवार के अपूरणीय क्षति की भरपाई करना भी उसका दायित्व है। अदालत ने कैथल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पीड़ित परिवार तक मुआवजा राशि पहुंचाने में पूरा सहयोग करें ताकि न्याय की मशां कागजी न रहकर धरातल पर दिखे।
अक्टूबर 2022 की वो खौफनाक वारदात
वारदात 8 अक्टूबर 2022 की है, जब कैथल के कलायत क्षेत्र के एक गांव से दोपहर करीब डेढ़ बजे 7 साल की मासूम अचानक लापता हो गई थी। बच्ची आरोपी पवन को जानती थी और अक्सर उसके पास खेलने चली जाती थी। इसी का फायदा उठाकर पवन उसे बहला-फुसलाकर गांव के खेल स्टेडियम की तरफ सुनसान इलाके में ले गया। वहां उसने मासूम के साथ दरिंदगी की और जब बच्ची ने रोना-चिल्लाना शुरू किया, तो उसने बेरहमी से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पेट्रोल लेकर आया और सबूत मिटाने की नियत से शव को झाड़ियों में छिपाकर आग लगा दी।
CCTV फुटेज और ठीकरी पहरे के बाद पकड़ा गया था आरोपी
घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया था। ग्रामीणों ने पंचायत के साथ मिलकर ठीकरी पहरा लगाया और पुलिस को सूचना दी। तत्कालीन एसपी मकसूद अहमद के नेतृत्व में पुलिस टीमों, ग्रामीणों और मधुबन से बुलाए गए गोताखोरों ने गांव के तालाब, नहर और स्टेडियम से सटे 10 एकड़ के जंगल में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। आखिरकार 24 घंटे बाद स्टेडियम के पास कंटीली झाड़ियों से मासूम का अधजला शव बरामद हुआ। इस बीच पुलिस के हाथ लगे एक सीसीटीवी फुटेज में पवन बच्ची को ले जाता हुआ दिखा, जिसके आधार पर ग्रामीणों ने उसकी पहचान की और पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में पवन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था, जिसके बाद उस पर पोक्सो एक्ट और हत्या की संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
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