August 12, 2026

Punjab Weather Update: पंजाब-चंडीगढ़ में मानसून सक्रिय, तापमान में 2.5 डिग्री की गिरावट, 17 अगस्त तक बरसेंगे बादल

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Punjab Weather Update: पंजाब में बदला मौसम, तापमान में 2.5 डिग्री की गिरावट, 17 अगस्त तक बरसेंगे बादल

पंजाब में बदला मौसम, तापमान में 2.5 डिग्री की गिरावट

Punjab Weather Update: पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून सक्रिय होने के बाद मौसम का मिजाज बदल गया है। मंगलवार को पठानकोट, मोहाली और रूपनगर समेत कई इलाकों में बारिश हुई, जिससे राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 2.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र ने 12 अगस्त को पठानकोट में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में भी कुछ जगह हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

बठिंडा 36 डिग्री सेल्सियस के साथ पंजाब में सबसे गर्म रहा। वहीं, चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस कम रहा, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है।

 

पठानकोट में सबसे ज्यादा 46 मिमी बारिश

पंजाब में मंगलवार को तीन जिलों पठानकोट, मोहाली और रूपनगर में बारिश दर्ज की गई। पठानकोट के थेइन डैम में सबसे ज्यादा 46 मिमी बारिश हुई, जबकि KVK पठानकोट में 18 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
रूपनगर के भाखड़ा डैम में 5.5 मिमी और मोहाली में 1 मिमी बारिश दर्ज हुई। चंडीगढ़ में 2.5 मिमी, जबकि चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर 4.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

 

मानसून ट्रफ और कम दबाव का असर

मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक, इलाके में मानसून की ट्रफ सक्रिय है। इसी वजह से पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश का सिलसिला बना हुआ है।

उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश में बने कम दबाव के क्षेत्र से नमी वाली हवाएं पंजाब की ओर पहुंच रही हैं। इसके प्रभाव से राज्य में हल्की से मध्यम बारिश होने के साथ कुछ इलाकों में इससे अधिक बारिश की संभावना भी बनी हुई है।

दक्षिण-पूर्वी हिमाचल प्रदेश के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण अब कमजोर हो गया है। इससे उसका प्रभाव कम हुआ है, लेकिन मानसून ट्रफ और कम दबाव के क्षेत्र के कारण पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश की संभावना बनी हुई है।

 

17 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने के आसार

मौसम विभाग के अनुसार पंजाब में 17 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो सकती है।
बारिश से तापमान में गिरावट के कारण लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि, जिन इलाकों में ज्यादा बारिश होती है, वहां स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।

 

बारिश के साथ बिजली की मांग भी घटी

पंजाब में बारिश और तापमान में गिरावट का असर बिजली की मांग पर भी दिखा है। राज्य में इस समय बिजली की कुल मांग 12,435 मेगावाट है, जबकि कुल उत्पादन 4,355 मेगावाट दर्ज किया गया।

मांग के मुकाबले शेड्यूल 8,086 मेगावाट का है और वास्तविक ड्रॉअल 8,079 मेगावाट दर्ज हुआ। यानी शेड्यूल की तुलना में करीब 7 मेगावाट कम बिजली ली जा रही है। ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 50.02 हर्ट्ज दर्ज की गई।

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