Snabbit Worker Viral: स्नैबिट वर्कर का वायरल वीडियो, 4 छुट्टियां लेने के बाद भी महीने में कमाए ₹47 हजार, देखकर लोग हैरान

स्नैबिट वर्कर का वायरल वीडियो, 4 छुट्टियां लेने के बाद भी महीने में कमाए ₹47 हजार, देखकर लोग हैरान
Snabbit Worker Viral: आजकल सोशल मीडिया पर कमाई और सैलरी से जुड़े वीडियो तेजी से वायरल होते रहते हैं, लेकिन इन दिनों होम सर्विस प्रोवाइडर प्लेटफॉर्म ‘स्नैबिट’ (Snabbit) की एक महिला कर्मचारी का वीडियो इंटरनेट पर छाया हुआ है। ऐप पर महिला की एक महीने की कमाई का आंकड़ा देखकर आम लोग ही नहीं, बल्कि दफ्तरों में घंटों पसीना बहाने वाले कॉर्पोरेट कर्मचारी भी हैरान हैं। वीडियो में दावा किया गया है कि महिला ने महीने में चार दिन की छुट्टी ली और फिर भी ₹47,000 से अधिक की मोटी कमाई कर डाली।
इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक महिला अपनी साथी कर्मचारी से पूछती है कि उसने बीते जुलाई के महीने में कितने पैसे कमाए। इस पर सहकर्मी बिना किसी झिझक के अपने मोबाइल में स्नैबिट ऐप का डैशबोर्ड खोलकर दिखा देती है। स्क्रीन पर यूनिफॉर्म और ट्रेनिंग फीस जैसे तमाम जरूरी कटे-छंटे खर्चों के बाद भी शुद्ध आय ₹46,641 दिखाई दे रही है। इसमें कंपनी की तरफ से मिलने वाला जॉइनिंग बोनस और पावर बोनस भी शामिल है।
कमेंट सेक्शन में चुटकी- ‘भाई, हम गलत लाइन में आ गए!’
जैसे ही यह आंकड़ा सोशल मीडिया पर लोगों के सामने आया, देखते ही देखते कमेंट सेक्शन में प्रतिक्रियाओं का बाढ़ आ गई। डिग्री धारक और नौ-से-पांच की नौकरी करने वाले युवा इस कमाई की तुलना अपनी शुरुआती सैलरी से करने लगे। एक यूजर ने हंसते हुए लिखा, “भाई, लगता है हम गलत लाइन में आ गए, असली स्कोप तो यहां है।” वहीं, एक अन्य यूजर ने तंज कसते हुए पूछा, “क्या बीटेक पास वाले भी इसमें अप्लाई कर सकते हैं, रिज्यूमे कहां भेजना है?”
हालांकि, कई संवेदनशील यूजर्स ने इस कमाई का समर्थन भी किया। उनका कहना था कि दूसरों के घरों में जाकर सफाई या अन्य सर्विस का काम करना बेहद मेहनत भरा काम होता है। ऐसे में यदि कोई लगन से काम करके सम्मानजनक राशि कमा रहा है, तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
वायरल दावे में कितनी सच्चाई? उठ रहे हैं ये सवाल
View this post on Instagram
एक तरफ जहां लोग इस आंकड़े को देखकर हैरान हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ समझदार लोग इस वायरल दावे पर सवाल भी खड़े कर रहे हैं। जानकारों और कुछ अन्य गिग वर्कर्स का कहना है कि सिर्फ एक महीने के डैशबोर्ड को देखकर हर वर्कर की नियमित कमाई का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। इसमें जॉइनिंग बोनस और इंसेंटिव जुड़ा हुआ है जो हर महीने नहीं मिलता।
इसके अलावा, वीडियो में यह कहीं स्पष्ट नहीं है कि महिला ने इस कमाई के लिए रोजाना कितने घंटे काम किया और एक दिन में कितनी बुकिंग्स पूरी कीं। अमूमन 10 से 12 घंटे लगातार फील्ड में काम करने के बाद ही ऐसे आंकड़े तक पहुंचना संभव होता है। चूंकि इस दावे की किसी स्वतंत्र एजेंसी या कंपनी के आधिकारिक बयान से पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इसे गिग इकोनॉमी की औसत आय मान लेना जल्दबाजी होगी।
यह भी पढ़ें– Haryana News: 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को नहीं मिलेगा ईंधन, सीएम नायब सैनी ने दी मंजूरी
