Chandigarh: चुनावी साल में नगर निगम देगा बड़ी राहत, रस्म क्रिया के लिए कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग होगी फ्री

चुनावी साल में नगर निगम देगा बड़ी राहत
Chandigarh: दिसंबर में होने वाले नगर निगम चुनाव से पहले नगर निगम ने शहरवासियों को बड़ी राहत देने की तैयारी है। नगर निगम रस्म क्रिया या भोग जैसे कार्यक्रमों के लिए कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग पर लगने वाला शुल्क खत्म करने जा रहा है। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के निर्देश पर यह सुविधा दोबारा बहाल करने की तैयारी है। नगर निगम सदन की बैठक 20 अगस्त को प्रस्तावित है। इसमें कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग निशुल्क करने का प्रस्ताव लाए जाने की उम्मीद है। सदन से प्रस्ताव पारित होने के बाद इसे प्रशासक की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अंतिम स्वीकृति मिलते ही शुल्क हटाकर पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।
इतना ही नहीं, ऐसे आयोजनों के लिए कम्युनिटी सेंटर में मैट, गद्दे, स्टेज और माइक जैसी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। नगर निगम की खराब आर्थिक स्थिति के चलते अगस्त 2025 में इन कार्यक्रमों के लिए भी कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग पर शुल्क लगा दिया गया था। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था। अब प्रशासन ने इस शुल्क को हटाने की पहल की है। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने हाल ही में एक समारोह में नगर निगम के अधिकारियों को सुझाव दिया था कि परिवार के दुख की घड़ी में निगम को आर्थिक राहत देनी चाहिए। रस्म क्रिया और भोग जैसे आयोजन सामाजिक और पारिवारिक मजबूरी से जुड़े होते हैं, इसलिए इनके लिए कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग निशुल्क करने की दिशा में कदम उठाया जाए।
गौरतलब है कि शहर की करीब 80 फीसदी आबादी के पास ऐसे आयोजनों के लिए अपनी अलग जगह नहीं है। यही वजह है कि रस्म क्रिया, भोग और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए लोग नगर निगम के कम्युनिची सेंटर्स पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में बुकिंग निशुल्क करने के साथ निगम की ओर से कुर्सियां, मेज, गद्दे, मैट, स्टेज और माइक जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना से लोगों को राहत तो मिलेगी, लेकिन निगम के सामने इसका वित्तीय बोझ उठाना बड़ी चुनौती होगा। यदि हर आयोजन के लिए सामान किराये पर लिया जाता है तो निगम को नियमित रूप से बड़ी राशि खर्च करनी पड़ेगी। वहीं, निगम खुद इन सामानों की खरीद करता है तो उन्हें रखने, सुरक्षित रखने, मरम्मत और अलग-अलग केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी करनी होगी। ऐसे में निगम को इस पूरी व्यवस्था के लिए अलग बजट और ठोस प्रबंधन तंत्र तैयार करना पड़ेगा।
कम्युनिटी सेंटर का नाम बदलेगा, अब कहलाएंगे ‘जन उपयोगी केंद्र’
शहर के कम्युनिटी सेंटर अब नए नाम और नई पहचान के साथ नजर आएंगे। पहली बार नगर निगम के सभी कम्युनिटी सेंटरों का नाम बदलकर ‘जन उपयोगी केंद्र’ रखने की तैयारी है। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार को कम्युनिटी सेंटरों का नाम बदलने के निर्देश दे चुके हैं। प्रशासक के सुझाव के अनुसार नाम बदलने का प्रस्ताव तैयार कर सदन की आगामी बैठक में रखा जाएगा।
सदन की मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।प्रशासक ने एक समारोह में कहा था कि ‘कम्युनिटी सेंटर’ नाम सुनकर कई बार लोगों को लगता है कि ये केंद्र मुख्य रूप से शादी-विवाह या अन्य समारोहों के लिए हैं। ऐसे में इनका नाम ऐसा होना चाहिए, जिससे शहर के हर वर्ग को अपनापन महसूस हो।
बिना चर्चा पास टेबल एजेंडे फिर आ सकते हैं सदन में, भाजपा में बनी सहमति
नगर निगम सदन की 31 जुलाई की बैठक में बिना चर्चा पास किए गए टेबल एजेंडों का विवाद अब भी जारी है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के लगातार विरोध के बीच भाजपा के अंदर भी इन एजेंडों को दोबारा सदन में लाने की मांग जोर पकड़ती रही है। अब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की बैठकों में सभी ऐसे टेबल एजेंडों को दोबारा हाउस में लाकर उन पर चर्चा कराने और फिर से मंजूरी लेने पर सहमति बनी है। माना जा रहा है कि इन्हें 20 अगस्त को होने वाली नगर निगम सदन की बैठक में दोबारा पेश किया जा सकता है।
बैठक के बाद करीब 227 करोड़ रुपये के टेबल एजेंडों को लेकर विवाद बढ़ा तो मेयर ने इन प्रस्तावों को वापस लेकर दोबारा सदन में लाने की घोषणा की थी। हालांकि, बाकी टेबल एजेंडों पर उस समय कोई स्पष्ट निर्णय नहीं हुआ था। नगर निगम सदन की अगली बैठक 20 अगस्त को प्रस्तावित है। उम्मीद की जा रही है कि 31 जुलाई को बिना चर्चा पास किए गए सभी टेबल एजेंडों को इसी बैठक में दोबारा सदन के सामने रखा जाएगा। इन पर चर्चा के बाद ही आगे फैसला लिया जाएगा।
