Haryana News: हरियाणा में जमीन रजिस्ट्री का नियम बदला, आधार कार्ड अब अनिवार्य नहीं, पासपोर्ट और PPP भी होंगे मान्य

हरियाणा में जमीन रजिस्ट्री का नियम बदला, आधार कार्ड अब अनिवार्य नहीं
Haryana News: हरियाणा में जमीन-जायदाद की खरीद-फरोख्त और राजस्व विभाग की सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए प्रदेश सरकार ने एक बेहद राहत भरा कदम उठाया है। अब राज्य में किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री कराते समय खरीदार, विक्रेता या गवाहों के लिए आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) कराना अनिवार्य नहीं होगा। यदि कोई व्यक्ति बायोमेट्रिक या आधार आधारित पहचान सत्यापन नहीं कराना चाहता, तो उस पर इसके लिए दबाव नहीं डाला जाएगा।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव और वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने इस संदर्भ में विधिवत आदेश जारी कर दिए हैं। नए नियमों के तहत अब राजस्व सेवाओं में आधार प्रमाणीकरण को पूरी तरह से स्वैच्छिक (Optional) बना दिया गया है।
पासपोर्ट, OCI और PPP कार्ड भी होंगे मान्य विकल्प
सरकारी आदेशों के अनुसार, यदि कोई नागरिक आधार कार्ड के जरिए अपनी पहचान सत्यापित नहीं कराना चाहता, तो उसके पास वैकल्पिक दस्तावेजों का उपयोग करने की पूरी छूट होगी। ऐसे लोग अब अपनी पहचान साबित करने के लिए भारतीय पासपोर्ट, ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड या राज्य सरकार द्वारा जारी परिवार पहचान पत्र (PPP) का इस्तेमाल कर सकेंगे।
अब तक रजिस्ट्री के दौरान आधार सर्वर में तकनीकी खराबी या फिंगरप्रिंट मैच न होने के कारण लोगों को तहसीलों के चक्कर काटने पड़ते थे। सरकार के इस फैसले से तहसीलों में होने वाली अवांछित देरी और नागरिकों को होने वाली मानसिक परेशानी से बड़ी निजात मिलने की उम्मीद है।
PMAY-Urban 2.0 लाभार्थियों के लिए रजिस्ट्री और स्टांप शुल्क ₹500 तय
इसके साथ ही, हरियाणा सरकार ने शहरी गरीबों और मध्यम वर्ग को राहत देते हुए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0’ (PMAY-U 2.0) के तहत एक और बड़ा फैसला लिया है। योजना के अंतर्गत पंजीकृत 60 वर्ग मीटर तक के छोटे आवासीय मकानों के हस्तांतरण (Transfer Deed) पर लगने वाले शुल्क में भारी कटौती की गई है।
नए आदेश के तहत अब इन आवासों के ट्रांसफर पर रजिस्ट्री फीस केवल 500 रुपये और स्टांप शुल्क (Stamp Duty) भी महज 500 रुपये ही देना होगा। इस ऐतिहासिक छूट का लाभ उठाने के लिए खरीदार को आवास विभाग या संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वह आधिकारिक प्रमाणपत्र जमा कराना होगा, जो यह साबित करता हो कि व्यक्ति PMAY-Urban 2.0 का पंजीकृत लाभार्थी है।
सरकार के इन दोनों फैसलों से न केवल आम जनता को सरकारी प्रक्रियाओं की जटिलता से मुक्ति मिलेगी, बल्कि कम आय वर्ग के लोगों के लिए अपने सपनों का घर अपने नाम कराना भी आर्थिक रूप से काफी आसान हो जाएगा।
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