Kaithal news: कैथल में सड़कों पर उतरे नपा सफाई कर्मचारी, मंत्री विपुल गोयल का पुतला फूंका, वादों से मुकरने पर आंदोलन की चेतावनी

कैथल में सड़कों पर उतरे नपा सफाई कर्मचारी, मंत्री विपुल गोयल का पुतला फूंका
Kaithal news: हरियाणा में निकाय सफाई कर्मचारियों का गुस्सा अब सड़कों पर साफ नजर आने लगा है। कैथल में ‘नगरपालिका कर्मचारी संघ’ और ‘सर्व कर्मचारी संघ’ के बैनर तले सफाई और सीवर कर्मचारियों ने मंगलवार को सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर एकत्र होकर कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद आक्रोशित कर्मचारी जुलूस के रूप में शहर के प्रमुख पिहोवा चौक पहुंचे और वहां शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नगरपालिका कर्मचारी संघ के सचिव विक्की टांक, प्रधान गौरव टांक और सर्व कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष ओमपाल भाल ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश सरकार सफाई, सीवर और अग्निशमन (फायर) विभाग के कर्मचारियों के साथ लगातार सौतेला व्यवहार कर रही है।
समझौते के बाद भी पत्र जारी न होना प्रशासनिक ढिलाई
कर्मचारी नेताओं ने मीडिया को बताया कि निकाय मंत्री विपुल गोयल ने राज्य कमेटी के प्रतिनिधियों के साथ बाकायदा बैठक की थी और उनकी जायज मांगों को पूरा करने का लिखित और मौखिक आश्वासन दिया था। इसके बावजूद महीनों बीत जाने के बाद भी सरकार और विभाग की ओर से मुख्य मांगों से जुड़े परिपत्र (नोटिफिकेशन/सर्कुलर) जारी नहीं किए गए हैं।
नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने समय रहते समझौते की शर्तों के अनुसार परिपत्र जारी नहीं किए, तो जल्द ही नगर पालिका और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की राज्य स्तरीय आपात बैठक बुलाकर एक बड़े और निर्णायक राज्यव्यापी आंदोलन का बिगुल बजा दिया जाएगा।
ठेका प्रथा बंद हो, 2 साल की पॉलिसी लाकर पक्का करे सरकार
कर्मचारियों ने सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें दोहराते हुए कहा कि सभी नगर पालिकाओं, परिषदों और नगर निगमों में सालों से चली आ रही ठेका प्रथा को तुरंत प्रभाव से समाप्त किया जाना चाहिए। सभी कच्चे कर्मचारियों को सीधे विभाग के रोल पर लिया जाए।
इसके साथ ही, 2 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों के लिए विशेष नीति बनाकर उन्हें नियमित (पक्का) किया जाए और जब तक पक्का करने की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक सभी को ‘समान काम-समान वेतन’ का लाभ दिया जाए।
₹5000 जोखिम भत्ता और पुरानी पेंशन की बहाली पर अड़े
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सीवर और सफाई जैसे बेहद संवेदनशील और जोखिम भरे माहौल में काम करने वाले कर्मचारियों को हर महीने 5,000 रुपये का जोखिम भत्ता (Risk Allowance) मिलना चाहिए। इसके अलावा, कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन योजना (OPS) और 2006 वाली अनुकंपा (एक्स-ग्रेसिया) नीति को बिना किसी देरी के बहाल किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने हुंकार भरते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें धरातल पर लागू नहीं होतीं, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर पंकज गिल, सुमेश राणा, मुकेश कुमार, अमित कुमार, राकेश कुमार और विक्की बेदी समेत दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें– गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेस-वे पर रईसजादों का हुड़दंग, बीच सड़क पर गाड़ियां रोककर खतरनाक स्टंट, वीडियो वायरल
