Ambala News: अंबाला निगम का बड़ा फैसला, 50 करोड़ का टैक्स बकाया, BSNL और पेट्रोल पंप समेत 100 संपत्तियां होंगी कुर्क

Ambala News: अंबाला निगम का बड़ा फैसला, 50 करोड़ का टैक्स बकाया, BSNL और पेट्रोल पंप समेत 100 संपत्तियां होंगी कुर्क
Ambala News: अंबाला नगर निगम का खजाना खाली करने वाले बड़े प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों की अब खैर नहीं है। सालों से टैक्स दबाकर बैठे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नगर निगम ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बार-बार चेतावनी और तीन-तीन सरकारी नोटिस देने के बावजूद जब बकायेदारों के कानों पर जूं नहीं रेंगी, तो निगम प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए 100 व्यावसायिक संपत्तियों को सील और कुर्क करने की अंतिम तैयारी पूरी कर ली है।
नगर निगम आयुक्त वीरेंद्र सेहरावत के सीधे आदेशों के बाद विभाग ने बकायेदारों की कुंडली खंगालकर ‘ड्राफ्ट वारंट ऑफ अटैचमेंट’ (कुर्की का ड्राफ्ट) तैयार कर लिया है। इस फाइल को अंतिम प्रशासनिक मंजूरी के लिए उच्च अधिकारियों की टेबल पर भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही अधिकारियों की टीम पुलिस बल के साथ जमीनी स्तर पर सीलिंग और कुर्की की कार्रवाई को अंजाम देने सड़कों पर उतरेगी।
सूची में सरकारी महकमे से लेकर बड़े शोरूम और होटल शामिल
नगर निगम द्वारा तैयार की गई 100 बकायेदारों की इस फेहरिस्त में सिर्फ आम कारोबारी ही नहीं, बल्कि कई रसूखदार और सरकारी महकमे भी शामिल हैं। जिन व्यावसायिक संपत्तियों को कुर्क करने का खाका तैयार हुआ है, उन पर 1.41 लाख रुपये से लेकर 1.24 करोड़ रुपये तक का संपत्ति कर बकाया है।
हैरानी की बात यह है कि इस डिफ़ॉल्टर लिस्ट में भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) का दफ्तर, प्रमुख पेट्रोल पंप, बड़े कपड़ा और ऑटोमोबाइल शोरूम, आलीशान होटल और शहर के विशालकाय गोदाम तक शामिल हैं। ये ऐसे संस्थान हैं जो रोज लाखों-करोड़ों का कारोबार कर रहे हैं, लेकिन निगम का जायज टैक्स देने में हाथ खींच रहे हैं।
3 नोटिस के बाद भी नहीं जागे, अब सीधे होगी सीलिंग
नगर निगम कमिश्नर वीरेंद्र सेहरावत ने साफ कर दिया है कि निगम प्रशासन अब किसी भी सूरत में ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। उन्होंने बताया कि नियम के मुताबिक सभी 100 बकायेदारों को एक-एक कर तीन बार औपचारिक नोटिस जारी किए गए थे, ताकि वे अपना बकाया जमा करा सकें। इसके बावजूद किसी भी संस्थान ने सकारात्मक रुख नहीं दिखाया।
कमिश्नर ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “निगम का लगभग 50 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है, जो शहर के विकास कार्यों में इस्तेमाल होना था। जब बार-बार दिए गए नोटिस का कोई असर नहीं हुआ, तो अब कुर्की और सीलिंग ही एकमात्र रास्ता बचा है। बकायेदारों को अब कोई और मोहलत नहीं दी जाएगी।”
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