Haryana Property ID: हरियाणा में प्रॉपर्टी ID को लेकर CM नायब सैनी का कड़ा अल्टीमेटम, समस्या CMO पहुंची तो अधिकारी पर होगी कार्रवाई

हरियाणा में प्रॉपर्टी ID को लेकर CM नायब सैनी का कड़ा अल्टीमेटम, समस्या CMO पहुंची तो अधिकारी पर होगी कार्रवाई
Haryana Property ID: हरियाणा में प्रॉपर्टी आईडी (PID) के जंजाल से जूझ रही जनता को राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सीधा मोर्चा संभाल लिया है। चंडीगढ़ में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों की क्लास लेते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में हिदायत दी कि अगर किसी नागरिक की PID से जुड़ी समस्या बिना समाधान के मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची, तो दोषी अधिकारी के खिलाफ तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अमला अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाए और समस्याओं का निपटारा जिला व निकाय स्तर पर ही सुनिश्चित करे।
ULB और CREED मिलकर दूर करेंगे व्यवस्था की खामियां
राजस्व एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल की मौजूदगी में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने शहरी स्थानीय निकायों (ULB) और नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CREED) के अधिकारियों को एक साथ तालमेल बिठाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक विभागों में आपसी समन्वय नहीं होगा, तब तक आम जनता को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति नहीं मिलेगी। उन्होंने व्यवस्था में मौजूद तकनीकी और प्रशासनिक कमियों को तुरंत दुरुस्त करने का खाका तैयार करने को कहा।
कमर्शियल गतिविधियों और खाली प्लॉटों को नियमित करने की राह आसान
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कई व्यावहारिक और अहम निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी वैध Colony की सीमा के भीतर कोई प्लॉट खाली पड़ा है, तो उसे भी वैध माना जाए और HSVP की तर्ज पर एक्सटेंशन फीस लेकर प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके साथ ही, जिन रिहायशी प्लॉटों या घरों में कमर्शियल गतिविधियां चल रही हैं, उन्हें डेवलपमेंट फीस लेकर मंजूरी दी जानी चाहिए। उन्होंने जमीनों का मूल्यांकन कृषि, व्यावसायिक और आवासीय श्रेणियों में स्पष्ट रूप से बांटकर करने तथा शर्तों को पूरा करने वाली अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
फैमिली ID और आधार लिंकिंग में तेजी लाने के निर्देश
आंकड़ों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि प्रदेश में 50.5 लाख से अधिक प्रॉपर्टीज में से स्थानीय निकायों से संबंधित 19,403 आपत्तियां फिलहाल पेंडिंग हैं, जिन्हें जल्द निपटाने के आदेश दिए गए हैं।
वहीं ग्रामीण इलाकों की 1.39 करोड़ प्रॉपर्टी आईडी में से 31 लाख को आधार से लिंक किया जा चुका है और बाकी बची PID को अगले एक साल के भीतर लिंक करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने फैमिली आईडी और प्रॉपर्टी आईडी के डेटा मिसमैच को भी प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने को कहा ताकि बिल्डरों द्वारा पुरानी रजिस्ट्रियों पर बनाई जा रही अवैध सब-आईडी के खेल पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, कमिश्नर अशोक कुमार मीना और ULB निदेशक मुकुल कुमार समेत शासन के कई आला अधिकारी मौजूद रहे।
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