Punjab Employees Strike: पंजाब में 7 लाख सरकारी मुलाजिम-पेंशनर आज महा-हड़ताल पर, दफ्तर-OPD बंद, स्कूल-बसें चालू

पंजाब में 7 लाख सरकारी मुलाजिम-पेंशनर आज महा-हड़ताल पर
Punjab Employees Strike: पंजाब में 7 लाख से अधिक सरकारी मुलाजिम और पेंशनर आज महाहड़ताल पर हैं। DA समेत 8 मांगों को लेकर कर्मचारियों ने अपने-अपने विभागों के प्रमुखों से सामूहिक छुट्टी ली है और पूरे दिन काम नहीं करने का ऐलान किया है। हड़ताल का असर सरकारी दफ्तरों के साथ अस्पतालों और डिस्पेंसरियों पर भी दिखाई दे रहा है। OPD सेवाएं बंद रहने के कारण इलाज और दवाई लेने के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मोहाली में मरीज को लौटाया, पठानकोट में निगम कार्यालय बंद
मोहाली सिविल अस्पताल में दवाई लेने पहुंचे एक व्यक्ति ने बताया कि गार्ड ने उसे हड़ताल का हवाला देकर अस्पताल से बाहर कर दिया। उसे कहा गया कि अब अगले दिन आना। पठानकोट में भी हड़ताल का असर दिखाई दिया। यहां नगर निगम कार्यालय पर ताले लटके मिले, जिससे सरकारी काम के लिए पहुंचे लोगों को वापस लौटना पड़ा।
स्कूल खुले, सरकारी बसें भी चल रहीं
महाहड़ताल के बावजूद पंजाब के कई हिस्सों में सरकारी स्कूल खुले हुए हैं। वहीं सरकारी बस सेवा भी सामान्य रूप से चल रही है, क्योंकि पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC के ड्राइवर-कंडक्टरों ने हड़ताल में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। सांझा मुलाजिम मंच पंजाब ने पहले सरकारी बसों के ड्राइवर और कंडक्टरों के हड़ताल में शामिल होने का ऐलान किया था। बुधवार को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ बैठक के बाद रक्षाबंधन का हवाला देते हुए उन्होंने हड़ताल से बाहर रहने का फैसला किया।
इस फैसले से यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। यदि बस सेवा भी बंद रहती तो पंजाब के शहरों और कस्बों के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता था।
हड़ताल का असर अधिकारियों के कामकाज पर भी पड़ा है। अफसरों की कार चलाने वाले ड्राइवर भी कर्मचारियों की महाहड़ताल में शामिल हैं। इसके चलते कई अधिकारियों को दफ्तर पहुंचने में परेशानी हुई। लुधियाना के DC भी सुबह साढ़े 9 बजे तक अपने कार्यालय नहीं पहुंचे थे।
दोपहर 1 बजे CM भगवंत मान से होगी बैठक
महाहड़ताल के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ कर्मचारी संगठनों की आज दोपहर 1 बजे जालंधर में बैठक होगी। कर्मचारी संगठनों की नजर इस बैठक पर टिकी है। बैठक के बाद कर्मचारी संगठन अपनी आगे की रणनीति तय करेंगे। सरकार और कर्मचारियों के बीच बातचीत से हड़ताल खत्म होने की संभावना को लेकर भी नजरें इस बैठक पर रहेंगी।
चीमा बोले- कर्मचारियों को आम लोगों को परेशान नहीं करना चाहिए
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान जालंधर में व्यस्त थे, इसलिए कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक जालंधर में ही रखी गई है।
चीमा ने कहा कि कर्मचारी आज अपनी हड़ताल वापस ले लेंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पंजाब के लोगों की भलाई के लिए हैं और उन्हें आम जनता को परेशान नहीं करना चाहिए।
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि लोग टैक्स के रूप में पैसा देते हैं, इसलिए उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। ऐसे में आज होने वाली बैठक में कर्मचारियों की मांगों और हड़ताल खत्म करने को लेकर सरकार का रुख अहम रहेगा।
आम लोगों पर सीधा असर
महाहड़ताल का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ रहा है जिन्हें सरकारी दफ्तरों, अस्पतालों और डिस्पेंसरियों से रोजमर्रा की सेवाएं मिलती हैं। OPD बंद होने से मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि सरकारी कार्यालयों में काम कराने पहुंचे लोगों को भी लौटना पड़ सकता है।
हालांकि स्कूल और सरकारी बसें चलने से विद्यार्थियों और सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर यात्रियों को फिलहाल बड़ी राहत है। अब सबकी नजर दोपहर 1 बजे जालंधर में होने वाली बैठक पर है, जिसके बाद हड़ताल की अगली दिशा साफ होगी।
