Haryana Private School: हरियाणा के 1107 प्राइवेट स्कूलों पर बड़ा फैसला, बंद नहीं होंगे स्कूल, शिक्षा मंत्री ने दी राहत

हरियाणा के 1107 प्राइवेट स्कूलों पर बड़ा फैसला, बंद नहीं होंगे स्कूल, शिक्षा मंत्री ने दी राहत
Haryana Private School: हरियाणा के 1107 गैर-सरकारी और निजी स्कूलों के भविष्य और वहां पढ़ रहे हजारों बच्चों के दाखिले को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही असमंजस की स्थिति पर अब विराम लग गया है। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि इन 1107 प्राइवेट स्कूलों को बंद करने का कोई इरादा नहीं है।
विधानसभा सत्र के दौरान शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि जिन स्कूलों का एमआईएस (MIS) पोर्टल बंद हुआ है, वह कोई स्थायी दंडात्मक कार्रवाई या मान्यता रद्द करने का कदम नहीं है। जैसे ही ये स्कूल नियम-शर्तों को पूरा कर लेंगे, उनका एमआईएस पोर्टल तुरंत दोबारा खोल दिया जाएगा।
क्यों बंद किया गया 1107 स्कूलों का एमआईएस पोर्टल?
शिक्षा विभाग की ओर से यह सख्त रुख शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के लिए अपनाया गया था। नियमानुसार, राज्य के सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को प्रवेश स्तर की कक्षाओं (Entry Level Classes) में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूह के बच्चों के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य है।
हरियाणा सरकार इसके लिए ‘उज्ज्वल’ (UJJWAL) ऑनलाइन पोर्टल के जरिए सीटों की घोषणा और दाखिला प्रक्रिया संचालित करती है। शिक्षा विभाग ने आगामी 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसके तहत प्रदेश के कुल 9,025 मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों को अपनी आरक्षित सीटों का ब्योरा और मान्यता संबंधी जरूरी दस्तावेज उज्ज्वल पोर्टल पर अपलोड करने के आदेश दिए गए थे।
7,918 स्कूलों ने माना नियम, 1,107 रह गए पीछे
शिक्षा मंत्री द्वारा विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, विभाग के निर्देशों के बाद 7,918 निजी स्कूलों ने समय रहते उज्ज्वल पोर्टल पर अपनी 25 फीसदी आरक्षित सीटों की घोषणा कर दी और आवश्यक दस्तावेज भी अपलोड कर दिए।
लेकिन 1,107 स्कूल ऐसे रहे जिन्होंने बार-बार रिमाइंडर मिलने के बावजूद निर्धारित समय सीमा में आरक्षित सीटों की जानकारी और दस्तावेज जमा नहीं कराए। इसी लापरवाही के चलते शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए इन 1,107 स्कूलों की एमआईएस (MIS) पोर्टल सेवा को अस्थायी तौर पर निलंबित (ब्लॉक) कर दिया।
स्कूलों के लिए अब आगे का रास्ता क्या है?
निजी स्कूल प्रबंधकों और अभिभावकों के लिए राहत की बात यह है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से अस्थायी है। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बताया कि स्कूलों के सामने कोई स्थाई रुकावट नहीं खड़ी की गई है।
जो भी 1,107 स्कूल पोर्टल पर अपनी 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों का ब्योरा घोषित करेंगे और मान्यता से जुड़े आवश्यक कागजात उज्ज्वल पोर्टल पर जमा करा देंगे, उनका एमआईएस पोर्टल विभाग की ओर से तुरंत बहाल कर दिया जाएगा। सरकार के इस कदम का सीधा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक रूप से पिछड़े और जरूरतमंद बच्चों को निजी स्कूलों में शिक्षा पाने के उनके संवैधानिक अधिकार से वंचित न होना पड़े।
यह भी पढ़ें– Haryana Weather Update: हरियाणा में फिर लौटी चिलचिलाती गर्मी, मानसून की सुस्ती से बढ़ा पारा, जानें अपने जिले का हाल
