Haryana Weather Update: हरियाणा में फिर लौटी चिलचिलाती गर्मी, मानसून की सुस्ती से बढ़ा पारा, जानें अपने जिले का हाल

हरियाणा में फिर लौटी चिलचिलाती गर्मी, मानसून की सुस्ती से बढ़ा पारा, जानें अपने जिले का हाल
Haryana Weather Update: हरियाणा के लोगों को बारिश से राहत मिलने के आसार फिलहाल कम ही नजर आ रहे हैं। मानसून ट्रफ रेखा के हिमालय की तलहटी की तरफ शिफ्ट होते ही सूबे में बारिश का दौर थम सा गया है। नतीजतन, तेज धूप और बढ़ती उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के अनुसार, आज प्रदेश के ज्यादातर जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। केवल पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर जैसे उत्तरी जिलों में ही कहीं-कहीं हल्की-फुल्की बूंदाबांदी या मध्यम बौछारें गिर सकती हैं।
कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, हिसार, रोहतक, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत राज्य के बाकी तमाम इलाकों में बादलों की आवाजाही के बीच धूप पसीने छुड़ाएगी।
हिसार रहा सबसे गर्म, सामान्य से ऊपर पहुंचा राज्य का औसत तापमान
बारिश की कमी का सीधा असर अब पारे पर दिखाई देने लगा है। प्रदेश का औसतन अधिकतम तापमान सामान्य से 2.4 डिग्री सेल्सियस ऊपर दर्ज किया गया है। बीते 24 घंटों में हिसार सबसे गर्म इलाका रहा, जहां दिन का पारा 38.7 डिग्री तक जा पहुंचा। इसके अलावा भिवानी में 37.5 डिग्री, नूंह में 37.0 डिग्री, नारनौल में 36.5 डिग्री और रोहतक में 35.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रोहतक में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री ज्यादा होकर 28.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, यमुनानगर में रात सबसे ठंडी रही, जहां न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
सितंबर की शुरुआत में मिल सकती है थोड़ी राहत
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि 31 अगस्त तक मानसूनी गतिविधियां ढीली ही रहेंगी। इस दौरान बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, लेकिन भारी बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। हालांकि, 1 से 3 सितंबर के बीच मानसूनी तंत्र में थोड़ा सुधार देखने को मिल सकता है, जिससे राज्य के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश होने की संभावना बन रही है।
किसानों और पशुपालकों के लिए कृषि वैज्ञानिकों की जरूरी सलाह
मौसम में आए इस बदलाव और हवा में नमी की ज्यादा मात्रा को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सावधान रहने को कहा है। अगले 3 से 4 दिनों तक फसलों में सिंचाई करने या किसी भी तरह के कीटनाशक (पेस्टिसाइड) का छिड़काव करने से बचने की सलाह दी गई है।
आर्द्रता अधिक होने के चलते फसलों में सफेद मक्खी, जेसिड, गुलाबी सुंडी और धान में रूट वीविल जैसे कीटों का हमला बढ़ सकता है। इसके अलावा पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे शेड या पोल्ट्री फार्म में हवा की पर्याप्त व्यवस्था रखें, पशुओं को साफ पानी दें और उनके चारे में रोजाना 50 ग्राम आयोडीन युक्त नमक जरूर मिलाएं।
