Haryana Patwari Strike: सिरसा में 10वें दिन भी जारी रहा पटवारियों का पड़ाव, नए DCS पोर्टल की जांच रिपोर्ट पर टिका आंदोलन का भविष्य

सिरसा में 10वें दिन भी जारी रहा पटवारियों का पड़ाव, नए DCS पोर्टल की जांच रिपोर्ट पर टिका आंदोलन का भविष्य
Haryana Patwari Strike: हरियाणा में नए भू-राजस्व सॉफ्टवेयर और वेब-डीसीएस (DCS) पोर्टल में आ रही तकनीकी दिक्कतों को लेकर पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन के विरोध-प्रदर्शन के बीच अब प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार द्वारा गठित अधिकारियों की विशेष समिति ने जमीनी स्तर पर उतरकर पोर्टल की कार्यप्रणाली और उसमें दर्ज आंकड़ों की जांच शुरू कर दी है।
गठित कमेटी में जिला राजस्व अधिकारी (DRO), संबंधित तहसीलदार और कानूनगो को शामिल किया गया है। शुक्रवार को जांच टीम ने विभिन्न गांवों और राजस्व क्षेत्रों का दौरा कर मौके पर स्थिति का जायजा लिया।
पोर्टल के आंकड़ों का मौके पर हुआ सत्यापन
जांच के दौरान अधिकारियों की टीम ने मौके पर मौजूद किसानों और भू-स्वामियों से सीधे बातचीत की और पोर्टल के इस्तेमाल में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को समझा। मुख्य रूप से यह जांच की गई कि डिजिटल पोर्टल पर दर्ज जमीन का क्षेत्रफल (एरिया) और रकबा, राजस्व रिकॉर्ड के वास्तविक आंकड़ों से मेल खा रहा है या नहीं।
जांच टीम अब फील्ड सर्वे से जुटाए गए सभी तथ्यों और तकनीकी कमियों का संकलन कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है। यह रिपोर्ट शनिवार को राज्य सरकार को भेजी जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि एसोसिएशन द्वारा पोर्टल में गड़बड़ियों को लेकर लगाए जा रहे आरोप किस हद तक सही हैं।
सिरसा में 10वें दिन भी जारी रहा सांकेतिक धरना
दूसरी तरफ, नए पोर्टल को पूरी तरह बंद करने या इसकी कमियों को दूर करने की मांग को लेकर पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है। सिरसा में कर्मचारी लघु सचिवालय के मुख्य द्वार के समीप पार्क में अनिश्चितकालीन पड़ाव डाले हुए हैं। सुबह से शाम तक कर्मचारी धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि नए सिस्टम में रकबा गलत दर्ज होने, नामांतरण (इंतकाल) अटके रहने और डाटा मिसमैच होने के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी जवाबदेही पटवारियों पर आ जाती है।
शनिवार को प्रस्तावित बैठक से सुलझ सकता है मामला
गौरतलब है कि एसोसिएशन का यह आंदोलन 20 अगस्त को दो दिवसीय सांकेतिक धरने के रूप में शुरू हुआ था। हालांकि, सरकार की ओर से कोई सकारात्मक रुख न दिखने के चलते इसे आगे बढ़ा दिया गया। शनिवार को धरने का 10वां दिन है।
शनिवार को ही कमेटी की रिपोर्ट सरकार के पास पहुंचेगी, जिसके तुरंत बाद चंडीगढ़ में एसोसिएशन के प्रतिनिधियों और उच्च अधिकारियों के बीच उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है। उम्मीद जताई जा रही है कि रिपोर्ट के आधार पर होने वाली इस वार्ता में कोई बीच का रास्ता निकल आएगा। इसके बाद रविवार को एसोसिएशन अपनी प्रांतीय बैठक बुलाकर आंदोलन को वापस लेने या आगे बढ़ाने पर अंतिम फैसला लेगी।
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