September 2, 2026

Flood Relief Trucks: नेपाल बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजे जाने वाले 3 ट्रक मनीमाजरा में रुके, दस्तावेज पूरे न होने पर कटा चालान

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Flood Relief Trucks: नेपाल बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजे जाने वाले 3 ट्रक मनीमाजरा में रुके, दस्तावेज पूरे न होने पर कटा चालान

नेपाल बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजे जाने वाले 3 ट्रक मनीमाजरा में रुके

Flood Relief Trucks: नेपाल में 26 अगस्त की बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए पंजाब रेडक्रॉस की ओर से भेजे गए राहत सामग्री के तीन ट्रक चंडीगढ़ के मनीमाजरा में खड़े हैं। चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने मंगलवार को पंजाब लोक भवन से इन ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर नेपाल के लिए रवाना किया था। तीनों ट्रकों में तैयार राशन, कपड़े और रोजमर्रा की जरूरी चीजें लदी हैं, जिनकी पहली खेप की कीमत 10 लाख रुपए से ज्यादा बताई गई है। हालांकि, ट्रक चालक जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं होने के कारण आगे जाने से इनकार कर रहे हैं। ड्राइवरों के मुताबिक दूसरे राज्यों से होते हुए नेपाल तक जाने वाले ट्रकों के लिए सभी जरूरी कागजात पूरे होना जरूरी है। उनका कहना है कि दस्तावेज अधूरे होने की स्थिति में रास्ते में जांच के दौरान चालान और अन्य कार्रवाई का जोखिम रहेगा।

 

हरी झंडी मिली, लेकिन मनीमाजरा से आगे नहीं बढ़े ट्रक

पंजाब रेडक्रॉस ने नेपाल में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत सामग्री की पहली खेप तैयार कर तीन ट्रकों में भेजी। मंगलवार को पंजाब लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने इन्हें हरी झंडी दिखाई। इसके बाद ट्रकों को नेपाल के लिए रवाना होना था, लेकिन वे मनीमाजरा में ही रुक गए। ड्राइवरों का कहना है कि ट्रकों की जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और इसी वजह से वे पासिंग के लिए इंतजार कर रहे हैं।

 

ड्राइवर बोले- अधूरे कागज लेकर जाना जोखिम भरा

ट्रक ड्राइवरों ने बताया कि बिना पूरे दस्तावेज के ट्रक लेकर पहले दूसरे राज्यों और फिर दूसरे देश की सीमा तक जाना जोखिम भरा है। रास्ते में किसी भी जांच के दौरान कागजात अधूरे मिलने पर उन्हें भारी चालान का सामना करना पड़ सकता है। ड्राइवरों के अनुसार, जरूरी दस्तावेज नहीं होने पर करीब 20 हजार रुपए तक का चालान हो सकता है। ऐसे में उन्होंने साफ कहा है कि जब तक सभी कागजात पूरे नहीं होते, वे ट्रकों को आगे नहीं ले जाएंगे। फिलहाल राहत सामग्री ट्रकों में ही लदी हुई है। दस्तावेज पूरे होने और पासिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इन्हें नेपाल के लिए रवाना किया जाएगा।

 

राहत सामग्री पहुंचाने में देरी से प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ी

मंगलवार को ट्रकों को हरी झंडी दिखाते समय राहत सामग्री जल्द नेपाल पहुंचाने की बात कही गई थी। अब ट्रकों के आगे नहीं बढ़ पाने के कारण संबंधित अधिकारियों के सामने दस्तावेज और पासिंग की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने की जिम्मेदारी है। नेपाल में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री की जरूरत है। ऐसे में ट्रकों के मनीमाजरा में खड़े रहने से राहत पहुंचाने की प्रक्रिया में देरी हो रही है। प्रशासनिक स्तर पर कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह खेप अपने गंतव्य तक पहुंच सकेगी।

 

पहली खेप में 10 लाख से ज्यादा की सामग्री

पंजाब रेडक्रॉस ने पहली खेप में तीन ट्रकों के जरिए 10 लाख रुपए से अधिक की राहत सामग्री भेजी है। इसमें तैयार खाने का सामान, राशन, कपड़े और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी अन्य सामग्री शामिल है। रेडक्रॉस ने नेपाल रेडक्रॉस से संपर्क भी किया है। वहां से मिलने वाली जरूरतों के आधार पर आगे राहत सामग्री भेजने की योजना बनाई जा रही है।

पंजाब रेडक्रॉस की ओर से नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए चरणबद्ध तरीके से कुल 80 लाख से 1 करोड़ रुपए तक की राहत सहायता देने की बात कही गई है। पहली खेप इसी अभियान का हिस्सा है। अब सबसे पहले इन तीन ट्रकों की कागजी औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी है, ताकि राहत सामग्री चंडीगढ़ से आगे निकलकर नेपाल के प्रभावित इलाकों तक पहुंच सके।

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