Yamunanagar News: कार में GPS लगाकर की गई ट्रांसपोर्टर हरभजन सिंह की हत्या, मुठभेड़ में 2 बदमाश गिरफ्तार

कार में GPS लगाकर की गई ट्रांसपोर्टर हरभजन सिंह की हत्या, मुठभेड़ में 2 बदमाश गिरफ्तार
Yamunanagar News: यमुनानगर के मॉडल टाउन स्थित ‘जैक फिटनेस जिम’ के बाहर 65 वर्षीय वरिष्ठ ट्रांसपोर्टर व फाइनेंसर हरभजन सिंह की हत्या के मामले में पुलिस को चौकाने वाले और अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह कोई अचानक हुआ अपराध नहीं, बल्कि बेहद शातिराना तरीके से रची गई एक हाई-टेक साजिश थी। हत्यारों ने वारदात को अंजाम देने से पहले हरभजन सिंह की कार में एक जीपीएस (GPS) चिप फिट कर दी थी। इसी जीपीएस के जरिए शूटर मिनट-टू-मिनट उनकी लोकेशन पर नजर रख रहे थे और जैसे ही वे जिम के बाहर पहुंचे, बदमाशों ने उन्हें गोलियों से भून डाला।
पाबनी रोड पर पुलिस और बदमाशों के बीच एनकाउंटर, 20 राउंड फायरिंग में दो घायल
मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी सीआईए (CIA) की टीमों को गुरुवार शाम गुप्त सूचना मिली कि हत्याकांड की साजिश में शामिल दो संदिग्ध पाबनी रोड से होकर गुजरने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने गांव महलावाली के पास घेराबंदी कर नाकाबंदी कर दी। जब बाइक सवार दो युवकों को रुकने का इशारा किया गया, तो उन्होंने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। दोनों तरफ से हुई करीब 20 राउंड की ताबड़तोड़ फायरिंग में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी। घायलों को तुरंत काबू कर अस्पताल पहुंचाया गया।
5-5 हजार के इनामी थे पकड़े गए आरोपी, कुरुक्षेत्र से जुड़े तार
पकड़े गए आरोपियों की पहचान कुरुक्षेत्र की कंग कॉलोनी निवासी 20 वर्षीय राकेश कुमार और हरियापुर निवासी 18 वर्षीय आर्यन के रूप में हुई है। दोनों पर पुलिस ने 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इसके अलावा पुलिस ने कुरुक्षेत्र के डेरा अमीन निवासी विशाल और उसके एक साथी को भी हिरासत में लिया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि राकेश और आर्यन ने हत्या में शामिल मुख्य शूटरों को कुरुक्षेत्र के एक नामी होटल में ठहराया था और उन्हें हथियार व अन्य लॉजिस्टिक मदद मुहैया कराई थी।
कार में किसने लगाई जीपीएस चिप? हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ जारी
पुलिस जांच में इस हत्याकांड की सबसे अहम कड़ी जीपीएस डिवाइस का मिलना रही। पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिए गए विशाल और उसके साथी ने ही हरभजन सिंह की कार में चुपके से जीपीएस चिप लगाई थी। इसके जरिए ही शूटरों के मोबाइल पर हरभजन सिंह की रियल-टाइम लोकेशन पहुंच रही थी। फिलहाल पुलिस यह पता लगा रही है कि यह जीपीएस डिवाइस कहां से खरीदी गई थी और इसे कार में कब और कहां इंस्टॉल किया गया।
अब मुख्य शूटरों पर पुलिस का फोकस, होटल के सीसीटीवी और कॉल डिटेल खंगाल रही टीम
दो मददगारों के एनकाउंटर में पकड़े जाने और दो साजिशकर्ताओं के हिरासत में आने के बाद अब यमुनानगर पुलिस का पूरा ध्यान वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य शूटरों और मास्टरमाइंड तक पहुंचने पर है। पुलिस कुरुक्षेत्र के उस होटल का रिकॉर्ड, जहां शूटर ठहरे थे, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल (CDR) खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों से रिमांड के दौरान मिलने वाली जानकारी के आधार पर मुख्य शूटरों को भी जल्द सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
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