Kaithal News: कैथल में डेरा बाबा राजपुरी के पूर्व महंत दूजपुरी पर कसा शिकंजा, सुल्फा तस्करी में गिरफ्तार, कोर्ट से 5 दिन का रिमांड

कैथल में डेरा बाबा राजपुरी के पूर्व महंत दूजपुरी पर कसा शिकंजा, सुल्फा तस्करी में गिरफ्तार
Kaithal News: हरियाणा के कैथल जिले से सटे गांव बाबा लदाना स्थित ऐतिहासिक डेरा बाबा राजपुरी के पूर्व महंत दूजपुरी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। साधु की हत्या के आरोप में जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे पूर्व महंत को अब नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में पुलिस ने आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया है। चौकी संगतपुरा पुलिस ने आरोपी को कैथल जिला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर अदालत में पेश किया, जहां से पुलिस को नशा सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए 5 दिन का पुलिस रिमांड हासिल हुआ है।
7 सितंबर को हुई थी डेरे की तलाशी, अलमारी से निकला 639 ग्राम चरस
पूरे मामले का खुलासा 7 सितंबर को हुआ, जब न्यायालय के कड़े निर्देशों के बाद डेरा बाबा राजपुरी परिसर की तलाशी का अभियान चलाया गया था। इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और निष्पक्ष जांच के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं तहसीलदार कैथल रविंद्र सिंह, डीएसपी मुख्यालय बीर भान, हल्का पटवारी ईश्वर सिंह, कानूनगो राजेश और थाना सदर प्रभारी एसआई कुलदीप सिंह की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद थी। तलाशी के दौरान जब पूर्व महंत दूजपुरी के निजी विश्राम कक्ष की अलमारी खंगाली गई, तो उसमें से एक पॉलीथिन में बंद 639 ग्राम नशीला पदार्थ चरस (सुल्फा) बरामद हुआ था।
साधु शिव शंकर की हत्या के आरोप में पहले से जेल में बंद था दूजपुरी
उल्लेखनीय है कि पूर्व महंत दूजपुरी पर 2 सितंबर को डेरे में ही रह रहे एक अन्य साधु शिव शंकर पुरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या करने का संगीन आरोप है। पुलिस ने हत्या की वारदात के तुरंत बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हत्या की इस घटना के बाद ही डेरे की गतिविधियों पर सवाल खड़े हुए थे, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए डेरे की सघन तलाशी लेने का फैसला किया था।
5 दिन के रिमांड में खुलेगा नशा नेटवर्क का राज, पूछताछ जारी
मामले की जांच कर रहे चौकी संगतपुरा प्रभारी एसआई बलराज सिंह और डीएसपी मुख्यालय बीर भान ने बताया कि अदालत से मिले 5 दिन के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि धार्मिक स्थल के भीतर इतनी बड़ी मात्रा में चरस कहां से और किस माध्यम से मंगवाई गई थी। क्या पूर्व महंत केवल खुद इसका सेवन करता था या फिर यहां से नशे का कोई अवैध कारोबार भी संचालित हो रहा था? पुलिस का दावा है कि रिमांड अवधि पूरी होने तक मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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