September 11, 2026

HSGMC Kurukshetra: “कुर्सी प्यारी है तो घर ले जाएं झींडा”- HSGMC के सीनियर मीत प्रधान गुरमीत सिंह रामसर का बड़ा हमला

0
HSGMC Kurukshetra: "कुर्सी प्यारी है तो घर ले जाएं झींडा"- HSGMC के सीनियर मीत प्रधान गुरमीत सिंह रामशरण का बड़ा हमला

"कुर्सी प्यारी है तो घर ले जाएं झींडा"- HSGMC के सीनियर मीत प्रधान गुरमीत सिंह रामशरण का बड़ा हमला

HSGMC Kurukshetra: हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के भीतर छिड़ा अंदरूनी घमासान अब खुलकर सड़कों पर आ गया है। प्रधान जगदीश सिंह झींडा की कार्यप्रणाली और अधूरे वादों से नाराज कमेटी के प्रमुख सदस्यों का कुरुक्षेत्र स्थित मुख्यालय (हेड ऑफिस) के बाहर धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। अंबाला से कमेटी सदस्य गुरतेज सिंह की अगुआई में चल रहे इस प्रदर्शन को अब गुरुद्वारा कमेटी के अन्य शीर्ष पदाधिकारियों और संगत का भी खुला समर्थन मिलने लगा है। कमेटी के वरिष्ठ मीत प्रधान गुरमीत सिंह रामसर ने प्रधान झींडा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके तुरंत इस्तीफे की मांग दोहराई है।

नलवी भी पहुंचे धरना स्थल, कहा- यह सिर्फ एक सदस्य का विरोध नहीं, संगत में भारी रोष

शुक्रवार को धरना स्थल पर एचएसजीएमसी के वरिष्ठ सदस्य और प्रमुख सिख नेता दीदार सिंह नलवी पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे गुरतेज सिंह और उनके साथियों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि कमेटी के कामकाज और लिए जा रहे फैसलों को लेकर पूरी सिख संगत के मन में गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नलवी ने कहा कि यह किसी एक सदस्य का व्यक्तिगत विरोध नहीं है, बल्कि पूरी कमेटी की लचर कार्यप्रणाली को लेकर संगत के भीतर पनप रहा गहरा रोष है। उन्होंने साफ किया कि जब तक कमेटी के किए गए वादों और वित्तीय पारदर्शिता पर स्थिति स्पष्ट नहीं की जाती, तब तक यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है।

“सिख गुरुद्वारों के प्रबंधन के लिए बनी थी कमेटी, मनमानी के लिए नहीं”

प्रधान जगदीश सिंह झींडा पर सीधा हमला बोलते हुए सीनियर मीत प्रधान गुरमीत सिंह रामसर ने तीखे शब्दों में कहा, “यदि जगदीश सिंह झींडा को प्रधान की कुर्सी से इतना ही लगाव है, तो वे उसे उठाकर अपने घर ले जाएं और वहां सजाकर रख लें, लेकिन उन्हें एचएसजीएमसी के प्रधान पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।” रामसर ने सिख गुरुद्वारा प्रबंधन के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 1920 के बाद लंबे संघर्ष और कुर्बानियों के फलस्वरूप हरियाणा की अलग कमेटी का गठन हुआ था। इसका उद्देश्य राज्य के ऐतिहासिक गुरुद्वारों का पारदर्शी प्रबंधन था, लेकिन आज प्रधान की मनमानी के कारण सभी काम ठप पड़े हैं और पूरी पावर एक ही हाथ में केंद्रित हो गई है।

जीटी रोड हंगामे और लाठीचार्ज पर दागे सवाल: “क्या संगत सिर्फ डंडे खाने बुलाई गई थी?”

धरने के दौरान अंबाला में जग्गी सिटी सेंटर के पास जीटी रोड पर हुए हालिया विवाद और पुलिस लाठीचार्ज का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। गुरमीत सिंह रामसर ने प्रधान झींडा पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूछा कि जब दूसरे पक्ष के मढ़ ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी और पुलिस में केस दर्ज हो चुका था, तो फिर सिखों को जीटी रोड पर इकट्ठा करने का क्या तुक था? उन्होंने कहा कि उस दिन हालात बिगड़े और निहत्थे सिखों तथा संगत पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। बाद में चुपचाप समझौता कर लिया गया। रामसर ने सवाल दागा कि जब मामला कानून के पास पहुंच चुका था, तो बेवजह तनाव क्यों बढ़ाया गया? क्या सिख संगत को सिर्फ पुलिस के डंडे खिलवाने के लिए सड़क पर बुलाया गया था? उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी निजी पद के लिए नहीं, बल्कि संस्था में जवाबदेही तय करने के लिए है।

यह भी पढ़ें– मोहन नगर चौक पर बस से उतरी 16 साल की किशोरी, ऊपर से गुजरा पिछला पहिया

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed