Ambala News: अंबाला कैंट में आवारा सांडों का तांडव, पल्लेदार मोहल्ले में मां-बेटे पर गिरे लड़ते हुए सांड
अंबाला कैंट में आवारा सांडों का तांडव, पल्लेदार मोहल्ले में मां-बेटे पर गिरे लड़ते हुए सांड
Ambala News: अंबाला कैंट के आवासीय और व्यापारिक इलाकों में आवारा गोवंश का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को शिवाला मंडी में एक सांड द्वारा युवक को पटककर घायल करने के ठीक अगले दिन, बुधवार को पल्लेदार मोहल्ले में फिर एक दर्दनाक हादसा हो गया। मोहल्ले की गली से गुजर रहे 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला हरजीत कौर और उनके बेटे हरप्रीत सिंह पर अचानक लड़ते हुए दो भारी-भरकम सांड आ गिरे। सांडों के अचानक ऊपर गिरने से दोनों सड़क पर दूर जा पटके और गंभीर रूप से चोटिल हो गए।
स्थानीय युवक ने दिखाई हिम्मत, वरना हो सकता था बड़ा हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गली में दो आवारा सांड अचानक हिंसक होकर एक-दूसरे से भिड़ गए थे। जब तक राहगीर कुछ समझ पाते, वे लड़ते-लड़ते पास से गुजर रहे हरजीत कौर और उनके बेटे पर चढ़ गए। गनीमत यह रही कि पास में ही मौजूद एक स्थानीय युवक ने बिना समय गंवाए डंडा उठाकर सांडों पर दे मारा और उन्हें वहां से खदेड़ा। इस हादसे में हरजीत कौर के हाथ में गंभीर चोट आई है, जबकि हरप्रीत के कान पर गहरी खरोंचें लगी हैं। सांडों की इस लड़ाई की चपेट में आकर गली में खड़ी तीन मोटरसाइकिलें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
गंदगी के ढेरों से बढ़ रही मुसीबत, नप की ढिलाई पर भड़के लोग
पीड़ित हरप्रीत सिंह ने प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताते हुए बताया कि पल्लेदार मोहल्ले में जगह-जगह कचरे और गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। इन ढेरों पर मुंह मारने के चक्कर में दिन भर दर्जनों आवारा मवेशी जमा रहते हैं, जो अक्सर आपस में भिड़ जाते हैं या फिर आने-जाने वाले लोगों पर हमला बोल देते हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर परिषद को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन कोई ठोस सफाई या नकेल कसने की कार्रवाई नहीं की जा रही।
गौशालाएं फुल, नगर परिषद ने पकड़ा लाचारी का रास्ता
कैंट क्षेत्र में सड़कों पर घूमते गोवंश शहरवासियों की जान के दुश्मन बने हुए हैं, लेकिन नगर परिषद प्रशासन पूरी तरह बेबस नजर आ रहा है। नगर परिषद के अधिकारियों का तर्क है कि शहर और आसपास की सभी गौशालाओं में मवेशियों को रखने की क्षमता खत्म हो चुकी है और वहां अब जगह नहीं बची है। इसी लाचारी का हवाला देकर प्रशासन ने शहर में आवारा गोवंश को पकड़ने का अभियान पिछले काफी समय से बंद कर रखा है। नप की इस बेरुखी का खामियाजा अब रोजाना सड़क पर चलने वाले बेकसूर कैंट निवासियों को अपनी जान जोखिम में डालकर भुगतना पड़ रहा है।
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