Haryana Weather: हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों में बीते कई दिनों से लोग भीषण गर्मी और उमस से बेहाल थे, लेकिन बुधवार देर रात हवा का रुख बदलते ही बादलों ने डेरा डाल दिया। रात के अंधेरे में ही गरज-चमक के साथ शुरू हुई झमाझम बारिश ने सुबह होते-होते पूरे प्रदेश का पारा गिरा दिया। जींद शहर में बारिश के साथ चली तेज हवाओं का असर ऐसा रहा कि जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई। यहां भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री के घर के बाहर सड़कें लबालब भर गईं और सुरक्षा के लिए लगाए गए भारी बैरिकेड्स हवा के झोंकों में ढह गए।
मौसम विभाग ने 17 जिलों में जारी किया तात्कालिक अलर्ट
चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार तड़के बुलेटिन जारी कर लोगों को सावधान किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी घंटों में पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, जींद, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद और पलवल में तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश होने का अनुमान है। इस बारिश से न केवल तापमान में गिरावट आएगी, बल्कि पिछले कुछ दिनों से चरमराई बिजली आपूर्ति पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
उमस से रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली की खपत, कटौती से बेहाल रहे लोग
बारिश से ठीक पहले तक प्रदेश में बिजली की मांग सारे रिकॉर्ड तोड़ रही थी। बुधवार रात तक भीषण उमस के कारण राज्य की कुल बिजली डिमांड 11,500 मेगावाट के पार पहुंच गई थी। बिजली वितरण निगमों को ग्रिड संतुलन बनाए रखने के लिए विभिन्न जिलों में दो से तीन घंटे के आपातकालीन कट लगाने पड़े। रात भर लोग पसीने से तर-बतर रहे, लेकिन तड़के हुई बारिश ने न सिर्फ हवा को ठंडा किया बल्कि ट्रांसफार्मरों और पावर ग्रिडों पर बढ़ता दबाव भी कम कर दिया।
पारे का मिला-जुला खेल: बालसमंद में तपन तो पंचकूला में राहत
मौसम विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट पर नजर डालें तो बारिश से ठीक एक दिन पहले औसतन दिन के तापमान में 1.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी गई थी। हिसार का बालसमंद क्षेत्र 38.5 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य में सबसे गर्म इलाका रहा। चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम और पलवल में भी दिन का पारा 37 डिग्री को पार कर गया था। हालांकि रात के वक्त पंचकूला 21.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा रहा, वहीं चंडीगढ़ में रात का पारा 21.6 डिग्री दर्ज किया गया।
मानसून का असमान मिजाज: पलवल में झमाझम तो जींद और सिरसा में सूखा
चालू मानसून सीजन (1 जून से 15 सितंबर) के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में इस बार बारिश का वितरण बेहद असंतुलित रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार पलवल जिले पर मानसून सबसे मेहरबान रहा, जहां सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक (473.4 मिमी) बारिश हो चुकी है। इसके ठीक उलट जींद जिले में सामान्य से 60 फीसदी कम (महज 145.5 मिमी) पानी गिरा है, जिससे वहां सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। सिरसा में भी 58 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कैथल, रोहतक, कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला, हिसार, पानीपत और सोनीपत में भी सामान्य से 30 से 48 फीसदी तक कम बारिश हुई है।
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