Faridabad News: फरीदाबाद के बीके अस्पताल में लापरवाही का आरोप, जच्चा और बच्चा दोनों की मौत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
फरीदाबाद के बीके अस्पताल में लापरवाही का आरोप, जच्चा और बच्चा दोनों की मौत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
Faridabad News: हरियाणा के फरीदाबाद स्थित बादशाह खान (बीके) नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की कलई खोल देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। डिलीवरी के लिए भर्ती कराई गई 22 वर्षीय गर्भवती महिला रीना और उसके 9 महीने के नवजात बच्चे की इलाज के अभाव में मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई। मृतक महिला के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अस्पताल के डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ पर समय पर इलाज न देने और लापरवाही बरतने का सीधा आरोप लगा रहे हैं।
‘डेढ़ घंटे तक तड़पती रही पत्नी, कोई डॉक्टर देखने नहीं आया’
फरीदाबाद के सेक्टर-56 निवासी और मृतक महिला के पति अजय ने बताया कि दो साल पहले उत्तर प्रदेश के छाता की रहने वाली रीना के साथ उनकी शादी हुई थी। यह उनका पहला बच्चा था। बुधवार सुबह करीब 9 बजे वे रीना को डिलीवरी के लिए बीके अस्पताल लाए थे, जहां उसे वार्ड में भर्ती किया गया था। गुरुवार को अचानक रीना को तेज उल्टियां होने लगीं और उसकी हालत बिगड़ने लगी। अजय के मुताबिक, वे करीब डेढ़ घंटे तक डॉक्टरों को बुलाने के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई भी डॉक्टर मरीज को देखने नहीं पहुंचा।
इलाज के बजाय किया रेफर, पेट में ही थम गईं बच्चे की सांसें
मृतका की सास धर्मवती ने आंसुओं से रोते हुए बताया कि जब रीना की हालत बहुत ज्यादा नाजुक हो गई, तो अस्पताल स्टाफ ने जिम्मेदारी लेने के बजाय आनन-फानन में उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। आरोप है कि रेफर करने के दौरान भी किसी ने उसे प्राथमिक आपातकालीन इलाज नहीं दिया, जिसके कारण रीना ने दम तोड़ दिया। रीना की मौत के साथ ही उसके पेट में पल रहे 9 महीने के बेकसूर बच्चे की सांसें भी हमेशा के लिए थम गईं। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते डॉक्टर उसे देख लेते तो आज मां और बच्चा दोनों जिंदा होते।
हाई बीपी बनी मौत की वजह? पुलिस खंगाल रही सच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच अधिकारी देवदत्त ने बताया कि अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों से मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक महिला की मौत ब्लड प्रेशर (BP) अचानक बहुत ज्यादा हाई होने की वजह से हुई है। बीपी बढ़ने के कारण महिला की जान गई और उसके बाद पेट में ही बच्चे की भी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, मायके पक्ष का यह भी आरोप है कि ससुराल वाले समय रहते महिला को किसी बड़े निजी अस्पताल लेकर नहीं गए।
मेडिकल बोर्ड से कराया जा रहा पोस्टमार्टम
जांच अधिकारी ने साफ किया है कि पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। शव का डॉक्टरों के एक विशेष मेडिकल बोर्ड के जरिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, ताकि मौत के वास्तविक और सटीक कारणों का पता चल सके। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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