Mukhyamantri Tirth Yatra Scheme Punjab : पंजाब सरकार ने 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं को करवाए मुफ्त धार्मिक दर्शन
पंजाब सरकार ने 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं को करवाए मुफ्त धार्मिक दर्शन
Mukhyamantri Tirth Yatra Scheme Punjab : पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम’ बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित हो रही है। पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी दी कि इस योजना के तहत अब तक राज्य और देश के अन्य हिस्सों के धार्मिक स्थलों पर 5,10,807 श्रद्धालुओं को मुफ्त यात्रा का लाभ मिल चुका है। सरकार की ओर से यात्रियों के लिए एसी स्लीपर बसों, ठहरने और भोजन के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
बुजुर्गों के चेहरों पर खुशी ला रही मान सरकार की यह पहल
पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम’ धार्मिक यात्रा की चाह रखने वाले बुजुर्ग नागरिकों के लिए एक बड़ा सहारा बन गई है। कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन बुजुर्गों को धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाना है जो आर्थिक तंगी या स्वास्थ्य कारणों से लंबी यात्रा करने में असमर्थ रहते हैं।
सरकार की तरफ से इन श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए पूरी व्यवस्था को बेहद पेशेवर तरीके से डिजाइन किया गया है। वर्तमान में सड़कों पर दौड़ रही 95 एसी बसों ने अब तक 12,485 चक्कर पूरे कर लिए हैं।
दायरे में जोड़े गए देश के प्रमुख धार्मिक स्थल
इस योजना की शुरुआत पिछले साल 9 नवंबर 2025 को की गई थी। शुरुआती दौर में श्रद्धालुओं को मुख्य रूप से श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और माता नैना देवी के दर्शन करवाए गए थे, जिसके तहत करीब चार लाख लोगों ने लाभ उठाया था। इसके बाद जनता के रुझान को देखते हुए सरकार ने 12 अगस्त 2026 को इस स्कीम का विस्तार कर दिया।
अब इस सूची में उत्तर भारत के बेहद लोकप्रिय और आस्था के बड़े केंद्र—श्री खाटू श्याम-सालासर बालाजी धाम, हरिद्वार-ऋषिकेश और मथुरा-वृंदावन को भी शामिल कर लिया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को अपनी पसंद के तीर्थ स्थल पर जाने का बड़ा अवसर मिल रहा है।
सुरक्षा और सुविधाओं का रखा जा रहा पूरा ख्याल
तीर्थ यात्रा के दौरान बुजुर्गों की सेहत और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने स्पष्ट किया कि हर बस के साथ मेडिकल स्टाफ और प्रशासनिक सहायक कर्मचारियों की एक विशेष टीम तैनात रहती है। इसके अलावा, रास्ते में रुकने वाले स्थानों पर भी संगतों की देखरेख के लिए प्रबंध किए गए हैं।
यात्रियों को वातानुकूलित और साफ-सुथरे कमरों में ठहरने की सुविधा दी जाती है, साथ ही पौष्टिक भोजन भी पूरी तरह मुफ्त मुहैया कराया जाता है। यात्रा पूरी होने के बाद हर श्रद्धालु को प्रसाद के साथ-साथ यादगार के तौर पर एक पीतल का गिलास भी भेंट किया जाता है।
बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग के लिए खुली है योजना
यह योजना किसी खास वर्ग, जाति या धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंजाब के हर उस नागरिक के लिए खुली है जो धार्मिक स्थलों के दर्शन करना चाहता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के स्पष्ट निर्देश हैं कि यात्रा के दौरान हर एक श्रद्धालु को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और वे पूरी श्रद्धा व सुकून के साथ अपने तीर्थ स्थल की यात्रा पूरी कर सकें। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर पल बुजुर्ग यात्रियों की सेवा के लिए तत्पर रहें।
