Narnaul :बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक कॉलेज के 100 सीटों पर दाखिले का रास्ता साफ, स्वास्थ्य मंत्री के हस्तक्षेप के बाद आयोग ने दी मंजूरी
Narnaul :बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक कॉलेज के 100 सीटों पर दाखिले का रास्ता साफ, स्वास्थ्य मंत्री के हस्तक्षेप के बाद आयोग ने दी मंजूरी
Narnaul :(सोनल यादव) नारनौल के पटिकरा स्थित बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल के बीएएमएस विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कॉलेज को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 100 बीएएमएस सीटों पर दाखिले की अनुमति को लेकर पहले बड़ा झटका लगा था, लेकिन कॉलेज की ओर से की गई पहली अपील पर विचार के बाद अब स्थिति बदल गई है। नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन ने 17 सितंबर 2026 को जारी आदेश में कॉलेज को 100 सीटों पर दाखिले की वार्षिक अनुमति दे दी है।
गौरतलब है कि इससे पहले 27 अगस्त को शाम 7 बजे की स्थिति के आधार पर नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन द्वारा जारी सूची में बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल, पटिकरा का नाम 100 सीटों वाले बीएएमएस पाठ्यक्रम के लिए 2026-27 की वार्षिक अनुमति से इनकार किए गए संस्थानों में शामिल किया गया था। इसके बाद कॉलेज में नए सत्र के दाखिलों को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी।
27 अगस्त की सूची में हरियाणा के तीन कॉलेज
नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन द्वारा 27 अगस्त की सूची में बाबा खेतानाथ कॉलेज के अलावा हरियाणा के दो अन्य आयुर्वेदिक संस्थानों को भी 2026-27 की वार्षिक अनुमति नहीं दिए जाने का उल्लेख था। इनमें श्री मारू सिंह मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदा, बीपीएस महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां, सोनीपत शामिल था, जहां बीएएमएस की 100 सीटों के साथ संबंधित पीजी पाठ्यक्रमों के संबंध में भी अनुमति का मुद्दा था। इसके अलावा बीडीएम कॉलेज ऑफ आयुर्वेद साइंस, झज्जर को भी बीएएमएस की 100 सीटों के लिए वार्षिक अनुमति नहीं दी गई थी।
मई में हुआ था कॉलेज का निरीक्षण
बाबा खेतानाथ कॉलेज के संबंध में नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन के रिकॉर्ड के अनुसार संस्थान का निरीक्षण 22 और 23 मई 2026 को किया गया था। निरीक्षण के बाद संस्थान के अनुपालन, उपलब्ध संसाधनों और निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया। इसके बाद 27 अगस्त की सूची में कॉलेज को 100 बीएएमएस सीटों के लिए वार्षिक अनुमति नहीं देने का निर्णय सामने आया।
इस निर्णय से कॉलेज में नए शैक्षणिक सत्र के लिए दाखिले पर सवाल खड़े हो गए थे। खासकर उन विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई थी, जो सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज में बीएएमएस की पढ़ाई के लिए प्रवेश की उम्मीद लगाए हुए थे।
पहली अपील के बाद बदला फैसला
27 अगस्त के निर्णय के बाद कॉलेज की ओर से पहली अपील की गई। आयोग ने अपील पर विचार करने के बाद 17 सितंबर को नया आदेश जारी किया। इसमें 2026-27 के लिए 100 यूजी बीएएमएस सीटों पर वार्षिक दाखिले की अनुमति प्रदान की गई।
आरती सिंह राव के प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा फैसला
आयुर्वेदिक कॉलेज को मिली इस राहत को प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। कॉलेज की मान्यता और नए सत्र में दाखिले का मामला सामने आने के बाद सरकार की ओर से आवश्यक स्तर पर पैरवी किए जाने के बाद अपील की प्रक्रिया आगे बढ़ी। अब नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन की ओर से 100 सीटों की अनुमति दिए जाने से सरकार और कॉलेज प्रशासन को भी राहत मिली है।
पटिकरा स्थित यह सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज महेंद्रगढ़ क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण संस्थान है। 100 सीटों पर दाखिले की अनुमति मिलने से स्थानीय सहित आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए बीएएमएस में प्रवेश का अवसर बना रहेगा।
पहले संकट, फिर राहत
पूरे घटनाक्रम में खास बात यह रही कि 27 अगस्त को जिस कॉलेज की 100 बीएएमएस सीटों पर वार्षिक अनुमति रोक दी गई थी, उसी कॉलेज को पहली अपील के बाद 17 सितंबर को उन्हीं 100 सीटों पर दाखिले की अनुमति मिल गई। इससे कॉलेज के नए सत्र को लेकर बना असमंजस समाप्त हुआ है।
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