जयराम रमेश का PM मोदी पर निशाना, बोले- महंगाई झेल रही जनता आगामी चुनावों में ‘आटे-दाल का भाव’ बताएगी
महंगाई पर कांग्रेस का केंद्र पर हमला
Jairam Ramesh Statement: नई दिल्ली में कांग्रेस ने शनिवार को महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि आम आदमी बढ़ती कीमतों से परेशान है, जबकि सरकार आंकड़ों के जरिए महंगाई पर नियंत्रण का दावा कर रही है। रमेश ने कहा कि आम लोगों की थाली महंगी होती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि आटा, दाल और खाद्य तेल जैसी रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की कीमतें घरेलू बजट पर दबाव डाल रही हैं।
जयराम रमेश ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राजनीतिक हमला किया। उन्होंने कहा कि इन राज्यों की जनता आगामी विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री को ‘‘आटे-दाल का भाव’’ मालूम करा देगी। यह बयान कांग्रेस की ओर से महंगाई को आगामी चुनावों में प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश के तौर पर सामने आया है। हालांकि, यह जयराम रमेश और कांग्रेस का राजनीतिक दावा है, जिसे पार्टी ने अपने बयान के समर्थन में रखा है।
महंगाई को लेकर सरकारी आंकड़ों में भी खाद्य कीमतों का अलग से आंकलन किया जाता है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार, अखिल भारतीय उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक आधारित खाद्य महंगाई दर 5.95% रही। ग्रामीण क्षेत्र में यह 6.13% और शहरी क्षेत्र में 5.64% दर्ज की गई। उधर, उपभोक्ता मामलों के विभाग के 18 सितंबर 2026 के अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य आंकड़ों में गेहूं का भाव 31.77 रुपये प्रति किलो और गेहूं के आटे का औसत खुदरा मूल्य 37.39 रुपये प्रति किलो दर्ज है। इसी दिन चना दाल 88.07 रुपये और अरहर दाल 124.43 रुपये प्रति किलो के औसत खुदरा भाव पर दर्ज की गई।
रसोई के खर्च को लेकर रमेश का सरकार पर आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र की नीतियों के कारण जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों का असर परिवारों के मासिक बजट पर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जहां करोड़ों परिवार महंगाई से परेशान हैं, वहीं ‘‘कुछ मित्र पूंजीपति’’ इसका फायदा उठा रहे हैं। रमेश ने सरकार से महंगाई पर अंकुश लगाने और आम लोगों को राहत देने की मांग की। उन्होंने सरकार पर महंगाई की वास्तविक स्थिति छिपाने का भी आरोप लगाया।
कांग्रेस का यह हमला ऐसे समय आया है जब पार्टी महंगाई को लेकर केंद्र सरकार को लगातार घेर रही है। इससे पहले भी जयराम रमेश ने थोक महंगाई के आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधा था। 14 सितंबर को कांग्रेस ने अगस्त में थोक महंगाई दर 9.92% पहुंचने का मुद्दा उठाया था। हालांकि, थोक और खुदरा महंगाई अलग-अलग सूचकांकों से मापी जाती हैं। इसलिए दोनों के आंकड़ों को एक ही पैमाने पर सीधे नहीं देखा जा सकता। आम परिवारों पर असर समझने के लिए खाद्य वस्तुओं की खुदरा कीमतें और उपभोक्ता महंगाई के आंकड़े ज्यादा सीधे तौर पर घरेलू खर्च से जुड़े होते हैं।
