September 20, 2026

Punjab Petrol Pump UPI Payment : पंजाब के पेट्रोल पंपों पर बंद हो सकती है 2000 से ज्यादा की UPI पेमेंट

0
Punjab Petrol Pump UPI Payment : पंजाब के पेट्रोल पंपों पर बंद हो सकती है 2000 से ज्यादा की UPI पेमेंट

पंजाब के पेट्रोल पंपों पर बंद हो सकती है 2000 से ज्यादा की UPI पेमेंट

Punjab Petrol Pump UPI Payment : डिजिटल पेमेंट के इस दौर में जहां आम आदमी हर छोटी-बड़ी खरीदारी के लिए ऑनलाइन भुगतान का आदी हो चुका है, वहीं अब पंजाब के पेट्रोल पंपों पर इसे लेकर बड़ा गतिरोध पैदा होता दिख रहा है।

पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन (PADAP) ने साफ कर दिया है कि अगर यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगने वाले शुल्कों से राहत नहीं मिली, तो पंपों पर दो हजार रुपये से अधिक की डिजिटल पेमेंट स्वीकार करना बंद कर दिया जा सकता है। यह कदम सीधे तौर पर उन लोगों की जेब और सहूलियत पर चोट करेगा जो कैशलेस व्यवस्था पर भरोसा करते हैं।

रोजाना करोड़ों का डिजिटल कारोबार और नया वित्तीय संकट

आंकड़ों के मोर्चे पर देखें तो पंजाबभर में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 4,104 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं। नेशनल पेमेंट कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के मुताबिक, इन पंपों पर हर रोज औसतन 11 से 12 लाख यूपीआई ट्रांजैक्शन होते हैं, जिनकी कुल वैल्यू 65 से 70 करोड़ रुपये के आसपास बैठती है।

जानकारों का मानना है कि कुल ग्राहकों में से करीब 10 फीसदी लोग ऐसे होते हैं जो दो हजार रुपये से ज्यादा का ईंधन डलवाते हैं। ऐसे में नए नियमों के तहत हर लेनदेन पर पांच रुपये का शुल्क डीलरों की कमर तोड़ सकता है, जो महीनेभर में डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा का अतिरिक्त बोझ बन जाएगा।

एसोसिएशन की दोटूक: कम मार्जिन में नया बोझ बर्दाश्त नहीं

पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह दोआबा ने इस संबंध में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री, वित्त मंत्री और देश की तीनों सरकारी तेल कंपनियों के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। डीलरों का हवाला है कि 14 सितंबर को जारी वित्त मंत्रालय की गजट अधिसूचना के मुताबिक डिजिटल भुगतान पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं आना चाहिए।

डीलर्स का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर उन्हें मिलने वाला कमीशन पहले ही काफी सीमित है। इसके उलट बिजली के बिल, कर्मचारियों के वेतन, मशीनरी के रखरखाव और सुरक्षा जैसे तमाम खर्च बेतहाशा बढ़ चुके हैं। ऐसे माहौल में अगर दो हजार से ऊपर के हर डिजिटल भुगतान पर शुल्क देना पड़ा, तो पंप चलाना घाटे का सौदा साबित होगा।

ट्रक यूनियनों में रोष, कैश लेकर चलने से बढ़ेगा सुरक्षा का खतरा

इस संभावित फैसले से केवल पंप मालिक ही नहीं, बल्कि परिवहन और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोग भी खासे खफा हैं। ऑल पंजाब ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हैपी संधू ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि यह नियम लागू हुआ तो सबसे ज्यादा मार ट्रांसपोर्टरों और ट्रक चालकों पर पड़ेगी। एक भारी कमर्शियल वाहन की टंकी फुल कराने में बीस हजार से लेकर पचास हजार रुपये तक का डीजल खर्च होता है।

लंबी दूरी के सफर पर निकलने वाले ड्राइवर समय बचाने के लिए एकमुश्त डीजल डलवाते हैं। यदि पंपों पर यूपीआई बंद हुआ, तो ड्राइवरों को या तो बार-बार रुकना पड़ेगा या फिर भारी मात्रा में कैश साथ लेकर चलना होगा, जिससे हाईवे पर लूटपाट और आपराधिक वारदातों का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। ट्रांसपोर्ट यूनियन ने साफ कर दिया है कि यदि इस फैसले को वापस नहीं लिया गया, तो वे बड़े पैमाने पर हड़ताल करने से पीछे नहीं हटेंगे।

Patti adulterated food : पट्टी में मिलावटखोरी के खिलाफ जल्द छिड़ेगा अभियान, सिविल सर्जन ने दी कड़ी चेतावनी

Click Here : पंजाब, मोहाली, चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों की ताज़ा खबरों और अपडेट्स से जुड़े रहने के लिए आप हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन कर सकते हैं। ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed