Patti adulterated food : पट्टी में मिलावटखोरी के खिलाफ जल्द छिड़ेगा अभियान, सिविल सर्जन ने दी कड़ी चेतावनी
जानकारी देते सिविल सर्जन तरनतारन डॉ. संदीप धवन और पट्टी शहर की विभिन्न दुकानों पर रखे खाद्य पदार्थ एवं मिठाइयां।
Patti adulterated food : त्योहारी सीजन की आहट के साथ ही पंजाब के पट्टी शहर में मिलावटी खाद्य पदार्थों का काला कारोबार चर्चा का विषय बन गया है। शहर की विभिन्न डेयरियों और दुकानों पर धड़ल्ले से बिक रहे कथित तौर पर मिलावटी दूध, पनीर, खोया, देसी घी और मिठाइयों ने आम जनता की नींद उड़ा दी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कुछ मुनाफाखोरों द्वारा लोगों के स्वास्थ्य से सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विंग के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
त्योहारों से पहले बढ़ती है मिलावट की आशंका
जैसे-जैसे त्योहारी दिन नजदीक आ रहे हैं, बाजार में दूध और उससे बने उत्पादों की मांग में भारी उछाल आना लाजिमी है। ऐसे में मिलावटखोर सक्रिय होकर सिंथेटिक दूध, घटिया किस्म का पनीर और मिलावटी मिठाइयां बाजार में खपाने की जुगत में रहते हैं।
शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासनिक स्तर पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों की सेहत पर इसका बेहद बुरा असर पड़ सकता है। हालांकि, इन तमाम गंभीर आरोपों की असलियत विभागीय जांच और लैब रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरी तरह साफ हो सकेगी।
जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क की कोशिशें बेअसर
इस पूरे मामले पर जब आधिकारिक पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो व्यवस्था की सुस्ती साफ नजर आई। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुखबीर कौर औलख से कई बार फोन के जरिए संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला और कॉल कट गई। जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों की इस तरह की चुप्पी ने मिलावटखोरों के हौसले और ज्यादा बुलंद कर दिए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी और अधिक बढ़ती जा रही है।
सिविल सर्जन ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
मामला तूल पकड़ने के बाद तरनतारन के सिविल सर्जन डॉ. संदीप धवन ने मीडिया से बातचीत में स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरी से जुड़ा यह गंभीर मामला अब उनके संज्ञान में आ चुका है।
सिविल सर्जन ने दोटूक शब्दों में आश्वासन दिया है कि आने वाले दिनों में पट्टी शहर में व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर दूध, पनीर, मिठाइयों और अन्य खाद्य वस्तुओं के सैंपल लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
