September 23, 2026

मोहाली GMADA मामले में ED की कार्रवाई जारी, 3 मंजिलें सील; तिरुपति इंफ्रा से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले

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मोहाली GMADA मामले में ED की कार्रवाई जारी, 3 मंजिलें सील; तिरुपति इंफ्रा से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले

पंजाब के IAS अफसर की चंडीगढ़ कोठी में ED रेड

GMADA ED raid: चंडीगढ़ में पंजाब के वरिष्ठ IAS अधिकारी और पूर्व GMADA चीफ एडमिनिस्ट्रेटर राजीव गुप्ता के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की कार्रवाई जारी है। यह जांच तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है। ED ने मंगलवार को दिल्ली, चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली और लुधियाना में कुल 26 परिसरों पर एक साथ सर्च और सर्वे शुरू किया था। कार्रवाई PMLA के तहत की जा रही है और इसमें तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स के प्रमोटर्स, डायरेक्टर्स और उनसे जुड़े लोगों के परिसरों को शामिल किया गया है। मोहाली के फेज-8 स्थित GMADA मुख्यालय में भी टीमों ने दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की। रिपोर्टों के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की गई और GMADA भवन की कम से कम तीन मंजिलें सील की गईं।

ED की जांच का एक प्रमुख हिस्सा मोहाली में GMADA की दो प्रमुख नीलामी साइटों से जुड़ा है। एजेंसी के अनुसार तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स के प्रमोटर्स रेमिगेट बिल्डएस्टेट्स और MB इंफ्राबिल्ड समेत कुछ अन्य कंपनियों को भी नियंत्रित करते हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन कंपनियों ने GMADA से मोहाली में दो प्रमुख साइटें नीलामी के जरिए हासिल कीं। इसके बाद अथॉरिटी को देय रकम के मामले में कंपनियों को बड़ी वित्तीय राहत मिली। ED इसी प्रक्रिया और उससे जुड़े लेन-देन के दस्तावेज खंगाल रही है। ED के मुताबिक, कंपनियों को हुआ संदिग्ध अनुचित लाभ और सरकारी खजाने को संभावित नुकसान 100 करोड़ रुपये से अधिक है। यह जांच एजेंसी की ओर से बताया गया अनुमान है और मामले की जांच अभी जारी है।

 

 

GMADA रिकॉर्ड और अधिकारियों से पूछताछ

ED ने केवल निजी कंपनियों के परिसरों तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी। GMADA और पंजाब सरकार के हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग से जुड़े कार्यालयों में भी PMLA के तहत सर्वे किया गया। टीमों का फोकस जमीन अधिग्रहण, प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन और निजी डेवलपर्स के साथ GMADA के लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड पर है। द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, GMADA के वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की गई और कुछ अधिकारियों के मोबाइल फोन तथा कार्यालयों के कंप्यूटर भी जांच के लिए लिए गए। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अधिकारियों से पूछताछ देर रात तक जारी रही।

ED की कार्रवाई तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स तक सीमित नहीं है। रेमिगेट बिल्डएस्टेट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, MB इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड, मेरा बाबा रियलिटी एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड और मेरा बाबा इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े परिसरों पर भी कार्रवाई की गई है। जांच में टीला कंसल्टेंट्स एंड कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड का नाम भी सामने आया है। यह कंपनी GMADA के लिए अलग-अलग कंसल्टेंसी कार्यों से जुड़ी रही है। ED कथित तौर पर इसकी भूमिका और संबंधित कंपनियों के बीच संपर्क की भी जांच कर रही है।

 

 

तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स पर 290 करोड़ के बैंक फ्रॉड की भी जांच

तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स पहले से ही करीब 290 करोड़ रुपये के कथित बैंक फ्रॉड मामले में CBI और ED की जांच के दायरे में है। यह मामला दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित रेडिसन ब्लू होटल प्रोजेक्ट से जुड़ा बताया गया है। मौजूदा मनी लॉन्ड्रिंग जांच में एजेंसी तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स और उससे जुड़ी कंपनियों के वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है।

ED की कार्रवाई के बाद पंजाब में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के जरिए पंजाब सरकार के अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है और GMADA के कामकाज में बाधा डालने की कोशिश हो रही है। AAP ने कहा है कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाएं और मोहाली के विकास कार्य जारी रहेंगे। दूसरी ओर, ED की कार्रवाई का आधार एजेंसी की जारी जांच और कथित वित्तीय अनियमितताओं की पड़ताल है। राजनीतिक दलों के आरोपों को उनके दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार ED की तलाशी और दस्तावेजों की जांच जारी है। इस कार्रवाई में किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। अब जांच का अगला फोकस दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और GMADA से जुड़ी उन प्रक्रियाओं पर रहेगा, जिनके जरिए निजी कंपनियों को कथित वित्तीय राहत मिलने की बात सामने आई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि एजेंसी किन आरोपों को साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाती है।

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