Amritsar Viral Video Controversy : अमृतसर में संगत पर आपत्तिजनक टिप्प्णी करने पर युवती को पीटा, वीडियो वायरल
अमृतसर में संगत पर आपत्तिजनक टिप्प्णी करने पर युवती को पीटा, वीडियो वायरल
Amritsar Viral Video Controversy : पंजाब के अमृतसर में सोशल मीडिया पर डाली गई एक रील्स और उस पर की गई बयानबाजी किस तरह भारी पड़ सकती है, इसकी एक बानगी हालिया मामले में देखने को मिली है। अमृतसर के एक निजी होटल में काम करने वाली कोमल नाम की युवती ने 21 सितंबर को एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था।
इस वीडियो में उसने दावा किया था कि गुरुद्वारा शहीदा साहिब में चुपेहरा साहिब के दौरान आने वाले युवा और संगत किस तरह के आयोजनों के नाम पर गलत गतिविधियों में लिप्त रहते हैं। युवती ने वीडियो में तंज कसते हुए कहा था कि लोगों में इतनी बेताबी होती है कि वे मुंहमांगे पैसे देकर कमरे की मांग करते हैं। उसके इस बयान ने तूल पकड़ लिया और धार्मिक भावनाओं से जुड़े होने के कारण मामला तेजी से गर्मा गया।
मोबाइल चोरी का आरोप और मारपीट का वीडियो
विवाद यही नहीं थमा, बल्कि कुछ ही दिनों के भीतर यह मामला निजी रंजिश और मारपीट तक जा पहुंचा। कोमल के ही एक पुराने दोस्त हनी ने बुधवार को अपने परिवार की कुछ महिलाओं के साथ मिलकर कोमल की जमकर पिटाई कर दी। वायरल हुए पिटाई के इस वीडियो के बाद जब मामले की परतें खुलीं, तो एक नया एंगल सामने आया।
आरोपी युवक हनी का आरोप है कि कोमल और उसके बीच पहले दोस्ती थी, क्योंकि हनी की ही बहन ने उसे उस होटल में काम पर रखवाया था। हनी का कहना है कि परसों रात जब वह जलेबियां वाले चौक के पास एक होटल में रुका था, तो कोमल ने उसका मोबाइल फोन चोरी कर लिया था। जब सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई तो कोमल फोन चुराते हुए नजर आई, जिसके बाद उसे पकड़कर सबक सिखाया गया।
निहंग सिंहों ने जताई कड़ी आपत्ति
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद धार्मिक संगठनों और निहंग सिंहों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। निहंग परमजीत सिंह अकाली ने मीडिया से बातचीत में साफ शब्दों में कहा कि कुछ व्यूज और लाइक्स हासिल करने के लिए इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान देना बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा शहीदा साहिब में माथा टेकने या सेवा करने आने वाली संगत के खिलाफ ऐसी अभद्र टिप्पणियां करना बेहद शर्मनाक है।
हालांकि उन्होंने यह भी माना कि यदि आसपास कोई गलत गतिविधि होती है, तो उसके खिलाफ व्यक्तिगत तौर पर बात की जानी चाहिए, लेकिन पूरी संगत और धार्मिक स्थल का नाम इस तरह घसीटना गलत है। फिलहाल थाना डिवीजन बी के एसएचओ किरणप्रीत सिंह ने बताया कि पुलिस के संज्ञान में वीडियो आ चुका है और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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