Bhiwani Crime: परिवहन विभाग का सहायक 2 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
परिवहन विभाग का सहायक 2 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
Bhiwani Crime: हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Haryana Anti Corruption Bureau) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए परिवहन विभाग के एक कर्मचारी को 2 लाख रुपये की नगद रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान परिवहन विभाग में बतौर सहायक कार्यरत किशोरी कुमार के रूप में हुई है। आरोपी पर ट्रांसपोर्ट व्यवसाय (Transport Department Haryana) से जुड़े एक व्यक्ति से वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने और उनके नवीनीकरण की प्रशासनिक अनुमति के नाम पर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है। Haryana News
फिटनेस सेंटर की अनुमति दबाकर मांगी गई थी घूस
एसीबी के हिसार कार्यालय से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता पानीपत में व्यावसायिक (Panipat Transport News) वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र और उनके रिन्यूअल की व्यवस्था से जुड़ा काम शुरू करना चाहता था। इसके लिए उसे हरियाणा परिवहन आयुक्त कार्यालय, चंडीगढ़ से जरूरी प्रशासनिक स्वीकृति की दरकार थी। आरोप है कि सहायक किशोरी कुमार ने आवेदक को स्थायी अनुमति रद्द होने का डर दिखाया। आरोपी ने परिवहन आयुक्त कार्यालय से 27 अगस्त 2026 को जारी हो चुकी फाइल और अनुमति पत्र सौंपने के बदले 2 लाख रुपये की मांग रख दी।
हिसार में बिछाया गया जाल, रंगे हाथों दबोचा गया आरोपी
परेशान होकर पीड़ित ट्रांसपोर्टर ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की। शिकायत की पुष्टि होते ही एसीबी की हिसार यूनिट और भिवानी उपकेंद्र की संयुक्त टीम ने रणनीति बनाकर ट्रैप तैयार किया। तय योजना के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने हिसार में आरोपी किशोरी कुमार को 2 लाख रुपये की नकदी थमाई, पास में मुस्तैद एसीबी टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
मामला दर्ज कर जांच में जुटी एसीबी, कई और खुलासे होने की उम्मीद
एसीबी ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली है। उसके खिलाफ हिसार एसीबी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। (Haryana Corruption News) अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस पूरे खेल में विभाग के कुछ अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल थे।
