September 25, 2026

Kaithal Family ID Error: कैथल में सिस्टम का क्रूर मजाक, 15 साल से किराए पर रह रहे परिवार की फैमिली आईडी में मिले 5 बिजली मीटर

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Kaithal Family ID Error: कैथल में सिस्टम का क्रूर मजाक, 15 साल से किराए पर रह रहे परिवार की फैमिली आईडी में मिले 5 बिजली मीटर

Kaithal Family ID Error: कैथल की शुगर मिल कॉलोनी में रहने वाली सुमन और उनके परिवार पर इस समय दोहरी मार पड़ रही है। दिहाड़ी मजदूरी करके अपने बच्चों का पेट पालने वाली सुमन का परिवार पिछले 15 सालों से किराए के एक छोटे से मकान में गुजर-बसर कर रहा है। लेकिन सिस्टम की घोर लापरवाही का आलम यह है कि सरकारी रिकॉर्ड यानी फैमिली आईडी (Parivar Pehchan Patra) में इस भूमिहीन परिवार के नाम पर 5-5 बिजली मीटर चढ़े हुए हैं। जब तक सब सामान्य था, तब तक परिवार को इस गड़बड़ी की भनक तक नहीं थी, लेकिन एक दुखद हादसे ने इस प्रशासनिक नाकामी को उजागर कर दिया।

बेटे का शव घर में और दफ्तरों में भटकने की मजबूरी

करीब 10 दिन पहले सुमन के 17 वर्षीय मासूम बेटे की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई थी। कमाऊ बेटे को खोने के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार ने जब सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता राशि के लिए आवेदन करने का फैसला किया, तो उनके पैर तले जमीन खिसक गई। सीएससी सेंटर पर जब फॉर्म भरा जाने लगा, तो पता चला कि उनकी फैमिली आईडी में 5 बिजली के मीटर जुड़े हैं और उनके नाम पर भारी-भरकम बिजली बिल का बकाया रिकॉर्ड में दर्ज है। इस तकनीकी अड़चन के कारण उनकी आर्थिक मदद की फाइल अटक कर रह गई।

दफ्तर-दर-दफ्तर भटकाया गया पीड़ित परिवार

एक तरफ जवान बेटे की मौत का असहनीय दर्द और दूसरी तरफ सरकारी बाबूशाही का रवैया—सुमन का परिवार न्याय और सुधार के लिए एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर काटने पर मजबूर हो गया। पहले उन्हें फैमिली आईडी के दफ्तर भेजा गया, जहां से उन्हें टरकाकर बिजली निगम (DHBVN) भेज दिया गया। बिजली विभाग के कई कमरों के चक्कर काटने के बाद आखिरकार परिवार को आईटीआई के पास स्थित मुख्य बिजली घर भेजा गया, जहां उन्होंने पांचों फर्जी मीटर हटाने और रिकॉर्ड दुरुस्त करने की लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

बिजली निगम के SDO बोले- नियमानुसार होगा समाधान

इस पूरे मामले पर बिजली निगम के एसडीओ (SDO) कुलदीप कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि फैमिली आईडी में बिजली मीटर की एंट्री दुरुस्त करने के लिए एक तय प्रक्रिया होती है। इसके तहत विभाग की ओर से परफॉर्म भरकर एडीसी (ADC) कार्यालय भेजा जाता है, जहां से डेटा संशोधित होता है। अधिकारी ने भरोसा दिलाया है कि पीड़िता की शिकायत पर संज्ञान ले लिया गया है और प्राथमिकता के आधार पर परिवार की इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करवा दिया जाएगा।

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