Job Security Portal: UHBVN में जॉब सिक्योरिटी पोर्टल की कछुआ चाल, 1,909 फाइलें पेंडिंग, बिजली कर्मचारियों का इंक्रीमेंट अटका
UHBVN में जॉब सिक्योरिटी पोर्टल की कछुआ चाल, 1,909 फाइलें पेंडिंग, बिजली कर्मचारियों का इंक्रीमेंट अटका
Job Security Portal: (मुनीश मुंडे) हरियाणा सरकार की ओर से अनुबंध और कच्चे कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी (Haryana Kaushal Rozgar Nigam Extension) की गारंटी देने का दावा किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर प्रशासनिक सुस्ती इस मंशा पर पानी फेर रही है।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN Job Security Status 2026) में फाइलों के सत्यापन की रफ्तार इतनी धीमी है कि हजारों कर्मचारियों का भविष्य अनिश्चितता के भंवर में फंस गया है। निगम मुख्यालय की 22 सितंबर तक की रिपोर्ट के मुताबिक, जॉब सिक्योरिटी के लिए कुल 3,026 फाइलें हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HOD) स्तर पर सत्यापन के लिए भेजी गई थीं, लेकिन इनमें से अब तक केवल 1,117 फाइलों को ही हरी झंडी मिल सकी है। शेष 1,909 फाइलें विभागों की मेजों पर धूल फांक रही हैं।
सरकार ने कर्मचारियों को राहत देने के मकसद से फाइल जमा करने की (HKRN Extension Update News) अंतिम तिथि 30 जुलाई से बढ़ाकर 31 अक्टूबर जरूर कर दी है, लेकिन कर्मचारी संगठनों का स्पष्ट कहना है कि सिर्फ तारीखें आगे बढ़ाने से मसला हल नहीं होगा। जब तक एचओडी स्तर पर फाइलों का वेरिफिकेशन पूरा नहीं होता, तब तक पूरी प्रक्रिया अधर में ही लटकी रहेगी।
आंकड़ों में जानिए कहां कितना अटका काम: करनाल आगे, पंचकूला फिसड्डी
सर्कलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो एसई (ओपी) सर्कल करनाल ने सबसे मुस्तैदी दिखाई है। यहां प्राप्त 541 फाइलों में से 364 का सत्यापन हो चुका है, जबकि 177 फाइलें लंबित हैं। यमुनानगर में 322 में से 173, कैथल में 364 में से 122, पानीपत में 215 में से 117 और कुरुक्षेत्र में 260 में से 98 फाइलों को वेरिफाइड किया गया है।
दूसरी ओर, प्रशासनिक मुख्यालयों और कई महत्वपूर्ण सर्किलों में स्थिति बदतर है। यूएचबीवीएन पंचकूला में 11 में से एक भी फाइल क्लियर नहीं हो पाई है। एसई सिविल पंचकूला में 10 में से केवल एक, एसई (एसएंडडब्ल्यू) धुलकोट में 139 में से महज चार और एसई (एमएंडपी) धुलकोट में 25 में से आठ फाइलें ही पास हुई हैं। एसई (ओपी) पंचकूला में 93 में से 12 और झज्जर में 188 में से केवल 22 फाइलों का निपटारा हुआ है। हद तो यह है कि हेड ऑफिस में चीफ अकाउंट ऑफिसर (पंचकूला) के स्तर पर भी 209 में से 176 फाइलें पेंडिंग हैं।
सैंक्शन खत्म, एक्सटेंशन और इंक्रीमेंट अटका, कर्मचारियों में गहरा रोष
एचओडी स्तर पर हो रही इस देरी का सीधा नुकसान वर्षों से सेवाएं दे रहे कच्चे कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। कई कर्मचारियों की सैंक्शन अवधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन हरियाणा कौशल रोजगार निगम (Haryana Contractual Employees Security) के पोर्टल पर उनकी सर्विस एक्सटेंशन अपडेट ही नहीं हो पा रही है। इसके चलते वरिष्ठता सूची और वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) का मामला अटक गया है।
अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ (AVKSH) के करनाल अध्यक्ष रोहित पूनिया और जिला सचिव सुमित मक्कड़ ने प्रशासनिक प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकार खुद सुरक्षा देने की बात कह रही है, तो अधिकारी काम में इतनी ढिलाई क्यों बरत रहे हैं? उन्होंने कहा कि इस सुस्ती के कारण कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रुक गई है और ईपीएफ कटौती का ढांचा बिगड़ने से उनकी आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है।
वहीं, एवीकेएसएच करनाल के जिला पर्यवेक्षक अमित शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि तारीख 31 अक्टूबर तक बढ़ाना महज एक छलावा साबित होगा, (Haryana Electricity Board News) जब तक कि अफसर फाइलों को पास नहीं करते। यदि पेंडिंग पड़ी 1,909 फाइलों का तुरंत निपटारा कर एचकेआरएन पोर्टल पर एक्सटेंशन की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो बिजली कर्मचारी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
