Priya Ghanghas Boxing: भिवानी की प्रिया घनघस ने साउथ कोरियाई बॉक्सर को 5-0 से रौंदा, मेडल पक्का!
भिवानी की प्रिया घनघस ने साउथ कोरियाई बॉक्सर को 5-0 से रौंदा, मेडल पक्का!
Priya Ghanghas Boxing: जापान में आयोजित हो रहे एशियन गेम्स 2026 के मंच पर भारत की मुक्केबाज बेटियों का मुक्का एक बार फिर अपना असर दिखा रहा है। हरियाणा के मिनी क्यूबा कहे जाने वाले भिवानी जिले के धनाना गांव (Dhanana Village Bhiwani) की होनहार बॉक्सर प्रिया घनघस (Priya Ghanghas Bhiwani Boxer) ने 60 किलोग्राम भारवर्ग के मुकाबले में एकतरफा जीत दर्ज की है। प्रिया ने साउथ कोरिया की अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज को 5-0 से धूल चटाते हुए सेमीफाइनल का टिकट कटाया और देश के लिए मेडल पक्का कर लिया।
जैसे ही जापान (Japan Boxing Results) से प्रिया की इस शानदार जीत की खबर उनके गृह नगर भिवानी पहुंची, परिवारजनों और ग्रामीणों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिजनों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया।
“बेटी में गोल्ड की भूख है, ऐतिहासिक स्वागत की तैयारी”: पिता महेंद्र घनघस (Asian Games 2026)
प्रिया की इस उपलब्धि पर उनके पिता महेंद्र घनघस ने गर्व जताते हुए कहा कि बेटी ने पूरे मुकाबले में गजब का संयम और आक्रामकता दिखाई। उन्होंने बताया, “रिंग में उतरने से पहले प्रिया ने अपनी मां से फोन पर बात की थी और आशीर्वाद लिया था। उसने सुबह-शाम अभ्यास में कभी कोई ढिलाई नहीं बरती। (Haryana Boxers Asian Games) हमें पूरा यकीन है कि वह देश की झोली में एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल ही डालेगी। जब वह देश का मान बढ़ाकर वापस लौटेगी, तो उसका ऐतिहासिक स्वागत किया जाएगा।”
प्रिया का खेल करियर संघर्षों और दृढ संकल्प की मिसाल रहा है। (Glasgow CWG 2026 Priya Ghanghas) इसी साल ग्लासगो में आयोजित हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भी प्रिया ने अपनी पंचिंग पावर के दम पर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
कुश्ती की दीवानी थीं प्रिया, भिवानी में एकेडमी न मिलने पर थामे बॉक्सिंग ग्लव्स
प्रिया के खेल के सफर की कहानी भी काफी दिलचस्प है। उन्हें बचपन से ही कुश्ती खेल से बेहद लगाव था और वे दंगल में उतरना चाहती थीं। लेकिन उस वक्त भिवानी में कुश्ती की कोई बेहतर एकेडमी उपलब्ध नहीं थी। इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और मुक्केबाजी में ही किस्मत आजमाने का फैसला किया। (Indian Boxing Team Asian Games)
साल 2016 से बॉक्सिंग की बारीकियां सीखने वाली प्रिया शुरुआत में चरखी दादरी में प्रैक्टिस करने जाती थीं। इसके बाद 2022 से उन्होंने भिवानी में ही अपनी ट्रेनिंग जारी रखी। (Haryana Sports News Today) पढ़ाई में भी वे हमेशा आगे रहीं; कोरोना काल के दौरान 10वीं पास करने के बाद उन्होंने 12वीं की परीक्षा में 83 फीसदी अंक हासिल किए थे। पढ़ाई और खेल का संतुलन बनाते हुए प्रिया आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तिरंगा फहरा रही हैं।
