Narnaul : अग्रोहा धाम में 25 अक्टूबर को सजेगा ऐतिहासिक राष्ट्रीय मेला, एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद
Narnaul : अग्रोहा धाम में 25 अक्टूबर को सजेगा ऐतिहासिक राष्ट्रीय मेला, एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद
Narnaul : अग्रोहा धाम में आगामी 25 अक्टूबर को ऐतिहासिक राष्ट्रीय मेला आयोजित किया जा रहा है। यह एक महाकुंभ होगा जिसमें पूरे देश से एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इस मेले में धार्मिक आयोजन के साथ साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केन्द्र रहेंगे।
अग्रोहा धाम के प्रदेश प्रवक्ता एवं प्रमुख समाजसेवी डॉ. राजकुमार गोयल ने बताया कि राष्ट्रीय मेले का उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण उपलब्ध करवाने के साथ-साथ समाज को एकजुट करना और महाराजा अग्रसेन के सामाजिक आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है।
मेले में धर्म, संस्कृति, सेवा और सामाजिक सरोकारों का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि मेले में सुबह से ही विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू होगा। श्रद्धालु शक्ति सरोवर में स्नान, मंदिरों में पूजा-अर्चना और आरती में शामिल होंगे। इसके साथ ही महिलाओं द्वारा भव्य कलश यात्रा, श्री महालक्ष्मी जी का छप्पन भोग, विशाल भंडारा और ध्वजारोहण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
महासम्मेलन में जुटेंगे समाज के प्रतिनिधि
राजकुमार गोयल ने बताया कि अग्रोहा धाम के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग के नेतृत्व में होने वाले इस ऐतिहासिक मेले में विशाल महासम्मेलन का भी आयोजन भी किया जाएगा जिसमें देश के अलग-अलग क्षेत्रों से सामाजिक प्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग भाग लेंगे।
सम्मेलन में समाज की वर्तमान चुनौतियों, सामाजिक सेवा, शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि समाज और राष्ट्र के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं को भी इस मंच से सम्मानित किया जाएगा वहीं संत-महात्माओं, प्रसिद्ध भजन गायकों और विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी से समारोह का माहौल और अधिक भव्य बनेगा।
धार्मिक झांकियां रहेंगी आकर्षण का केंद्र
राष्ट्रीय मेले में देश भर से आने वाले श्रद्धालु अग्रोहा धाम में बने माता महालक्ष्मी, महाराजा अग्रसेन, माता सरस्वती, माता वैष्णो देवी, अमरनाथ की बर्फानी गुफा, तिरुपति बालाजी, भैरव बाबा और रामेश्वर धाम इत्यादि मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे।
इसके अलावा मां गंगा अवतरण, 90 फुट ऊंची बाबा हनुमान जी की प्रतिमा, श्री कृष्ण लीला और श्री राम लीला की विद्युत संचालित झांकियां भी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करेंगी। बच्चों और परिवारों के लिए मनोरंजक झूलों की भी व्यवस्था रहेगी। मेले में श्रद्धालुओं के लिए अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियां भी तैयार की जाएंगी।
महाराजा अग्रसेन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास
राजकुमार गोयल ने कहा कि अग्रोहा धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि महाराजा अग्रसेन की विचारधारा और सामाजिक आदर्शों की पहचान है। महाराजा अग्रसेन ने समाज को आपसी सहयोग, समानता, भाईचारे और जरूरतमंदों की सहायता का संदेश दिया था।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मेले के माध्यम से इन विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने देशभर के श्रद्धालुओं से 25 अक्टूबर को परिवार सहित अग्रोहा धाम पहुंचने और राष्ट्रीय मेले में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी से यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक भाईचारे और भारतीय संस्कृति का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण अवसर बनेगा।
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