Yamunanagar Congress Protest: ‘वोट चोरी’ के खिलाफ यमुनानगर में कांग्रेस का हल्ला बोल, दीपेंद्र हुड्डा की अगुवाई में फूंका पुतला
'वोट चोरी' के खिलाफ यमुनानगर में कांग्रेस का हल्ला बोल
Yamunanagar Congress Protest: हरियाणा विधानसभा चुनाव और मतदाता सूचियों में कथित हेराफेरी व ‘वोट चोरी’ के मुद्दों को लेकर कांग्रेस का आक्रामक रुख बरकरार है। सोमवार को यमुनानगर (Yamunanagar) में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग (Chief Election Commissioner protest) के खिलाफ सड़कों पर उतरकर तीखा प्रदर्शन किया। सुबह जगाधरी अनाज मंडी (Jagadhri Anaj Mandi protest) के मुख्य गेट पर सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्र हुए, जहां रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा (Deepender Hooda Yamunanagar march) भी उनके बीच पहुंचे। इसके बाद कांग्रेसियों ने अनाज मंडी से लघु सचिवालय तक विशाल रोष मार्च निकाला और जोरदार नारेबाजी की।
पुतला दहन और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
लघु सचिवालय के बाहर पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा जब उन्होंने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि राहुल गांधी ने हरियाणा चुनावों में हुई गड़बड़ी और वोट चोरी को लेकर जो सवाल उठाए थे, वे अब सच साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से चुनाव आयोग से जुड़े घटनाक्रम सामने आ रहे हैं, उससे पूरे देश में चुनाव प्रणाली की साख पर गहरा संकट खड़ा हो गया है।
दीपेंद्र हुड्डा ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
सचिवालय के सामने हुड्डा ने पार्टी की तरफ से तीन मुख्य मांगें रखीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और उनके खिलाफ निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि जिन राज्यों में हाल ही में इस संदेहास्पद प्रक्रिया के तहत चुनाव कराए गए हैं, वहां के चुनावी नतीजों को रद्द किया जाए।
एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पर उठाए तीखे सवाल
सांसद ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करते हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने दावा किया कि आयोग के तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने खुद इस प्रक्रिया पर लिखित रूप में अपनी चिंता जताई है। बिना किसी पूर्व शिकायत के अचानक पूरे देश में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू करने के पीछे की मंशा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अगर मतदाता सूची ही पारदर्शी नहीं रहेगी, तो आम जनता का निष्पक्ष चुनाव से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा।
सचिवालय पर कड़ा पहरा, कई दिग्गज नेता रहे मौजूद
प्रदर्शन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस मुस्तैद नजर आई। लघु सचिवालय के मुख्य द्वार पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। इस रोष प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री व विधायक अकरम खान सहित जिलेभर के तमाम वरिष्ठ कांग्रेस नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि जब तक चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की बहाली नहीं होती, तब तक कांग्रेस का यह संघर्ष जारी रहेगा।
यह भी पढ़ें– कुरुक्षेत्र में NH-44 पर चलती कार बनी आग का गोला, भाकियू नेता समेत दो लोगों ने कूदकर बचाई जान
