Mahendragarh : महेंद्रगढ़ में जिला परिषद अध्यक्ष डॉ. राकेश का पलटवार, राहुल गांधी और विपक्ष के चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों को बताया निराधार
Mahendragarh : महेंद्रगढ़ में जिला परिषद अध्यक्ष डॉ. राकेश का पलटवार, राहुल गांधी और विपक्ष के चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों को बताया निराधार
Mahendragarh : महेंद्रगढ़ में सोमवार को जिला परिषद अध्यक्ष डॉ. राकेश ने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे राजनीतिक नैरेटिव को खारिज करते हुए इसे लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश करार दिया।
प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. राकेश ने कहा कि राहुल गांधी और विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं, जो पूरी तरह से गलत और नकारात्मक है।
उन्होंने चुनाव आयोग के आधिकारिक बयान का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा लिए गए सभी महत्वपूर्ण फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से हुए हैं, जिससे विपक्ष के सभी झूठे आरोप अपने आप बेनकाब हो जाते हैं।
वोटों के निरीक्षण पर दिया स्पष्टीकरण
वोटों की जांच और सत्यापन के मुद्दे पर बोलते हुए डॉ. राकेश ने कहा कि यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है। जिस तरह की पारदर्शी जांच प्रक्रिया आज अपनाई जा रही है, वही व्यवस्था पहले कांग्रेस पार्टी की सरकारों के कार्यकाल में भी चलन में थी।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी वास्तविक और पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे, साथ ही किसी भी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दो अलग-अलग जगहों पर दर्ज न हो। आयोग इस दिशा में पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है ताकि फर्जी दस्तावेजों या गलत आईडी के सहारे कोई भी फर्जी वोट न बन सके।
बीएलओ स्तर पर सर्वदलीय सहमति से होता है काम
प्रशासनिक और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रकाश डालते हुए डॉ. राकेश ने बताया कि हर जिले में बूथ स्तर पर बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बीएलओ का कार्य किसी एक राजनीतिक दल के इशारे पर नहीं चलता है।
चाहे सत्ताधारी दल हो या विपक्षी कांग्रेस पार्टी, सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी और आपसी सहमति से ही बूथ स्तर पर सूचियों का सत्यापन कार्य होता है। सरकार, प्रशासनिक अमला और चुनाव आयोग के अधिकारी मिलकर सभी तथ्यों और सूचियों पर आम सहमति बनाते हैं।
उन्होंने अंत में कहा कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी बदलाव या फैसले में किसी एक दल की मर्जी नहीं चलती, बल्कि सभी पक्षों की सहमति से ही नियम तय होते हैं। इस दौरान उनके साथ अमित मिश्रा भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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