Rewari : रेवाड़ी के युवक के साथ साइबर ठगी, दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर मोबाइल चोरी होने के बाद बैंक खाते से उड़ाए 1 लाख रुपये
प्रतीकात्मक फोटो
Rewari : रेवाड़ी जिले के गांव देहलावास के रहने वाले एक युवक के साथ साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर मोबाइल चोरी होने के कुछ दिनों बाद शातिर चोरों ने पीड़ित के बैंक खाते से सेंध लगाकर 1 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
गांव देहलावास निवासी योगेश कुमार दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) में द्वारका में नौकरी करते हैं और रोजाना ट्रेन के जरिए रेवाड़ी से दिल्ली अपडाउन करते हैं। 18 सितंबर को जब वे दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर थे, तो किसी अज्ञात चोर ने उनका मोबाइल फोन चुरा लिया।
घटना के बाद योगेश रेवाड़ी पहुंचे और मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज कराने के साथ ही अपनी सिम भी तुरंत ब्लॉक करवा दी थी।
22 सितंबर को हुआ ठगी का खुलासा
पीड़ित योगेश ने बताया कि 22 सितंबर को उन्होंने उसी पुराने नंबर की नई सिम निकलवाई और अपना फोनपे (PhonePe) अकाउंट दोबारा एक्टिव किया। जैसे ही उन्होंने ऐप की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री चेक की, उनके होश उड़ गए।
खाते से 50-50 हजार रुपये की दो बड़ी ट्रांजेक्शन होने का पता चला। दोनों अवैध ट्रांजेक्शन 22 सितंबर को दोपहर 3:16 बजे की गईं थीं। पीड़ित के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) खाते से कुल 1 लाख रुपये की नकदी साफ हो चुकी थी।
बैंक रिकॉर्ड और ट्रांजेक्शन ट्रेल खंगाल रही पुलिस
मोबाइल चोरी के बाद सिम बंद कराने के बावजूद खाते से रकम कटने से पीड़ित सदमे में है। योगेश ने तुरंत इसकी शिकायत साइबर क्राइम थाना पुलिस को दी। मामला दर्ज होने के बाद अब पुलिस बैंक खाते से हुई ट्रांजेक्शन के डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी हुआ मोबाइल फोन किसके पास था, उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया और ठगी गई रकम आखिरकार किस बैंक खाते या वॉलेट में ट्रांसफर हुई है।
पीड़ित योगेश ने पुलिस से साइबर ठगों को जल्द गिरफ्तार करने और डूबे हुए पैसे वापस दिलाने की गुहार लगाई है। पुलिस टीम तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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