SGPC Chawla Rape Case Update : Baltej Pannu का बड़ा खुलासा- SGPC सचिव के बैंक खाते से पीड़िता को भेजे गए 1 लाख रुपए
SGPC Chawla Rape Case Update : Baltej Pannu का बड़ा खुलासा- SGPC सचिव के बैंक खाते से पीड़िता को भेजे गए 1 लाख रुपए
SGPC Chawla Rape Case Update | Baltej Pannu | SGPC : आम आदमी पार्टी पंजाब के वरिष्ठ नेता और मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने श्री आनंदपुर साहिब स्थित एसजीपीसी सराय में रही बहरीन की महिला से जुड़े मामले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ ला दिया है।
चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पन्नू ने बैंक ट्रांजैक्शन से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करते हुए दावा किया कि पंजाब नेशनल बैंक में एसजीपीसी सचिव के नाम दर्ज खाते से 23 जुलाई 2026 को पीड़ित महिला के खाते में 1 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर की गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यह वित्तीय लेन-देन किस मद के तहत किया गया और इसके लिए किसने स्वीकृति दी थी।
सिख संगत की गोलक के पैसे का दुरुपयोग करने का आरोप
पन्नू ने एसजीपीसी के वित्तीय प्रबंधन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि देशभर के सिख श्रद्धालु अपनी खून-पसीने की कमाई में से श्रद्धापूर्वक 10 और 20 रुपये गोलक में अर्पित करते हैं। 1 लाख रुपये की राशि का अर्थ है कि लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं द्वारा दी गई दान राशि को बिना किसी स्पष्ट जवाबदेही के एक व्यक्तिगत खाते में भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी को इस बात का स्पष्ट जवाब देना होगा कि गुरुघर के इस पवित्र धन को किसी व्यक्तिगत मामले में क्यों इस्तेमाल किया गया।
आठ महीने के तमाम खर्चों का ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग
आप महासचिव ने आरोप लगाया कि उक्त महिला लगभग आठ महीने तक एसजीपीसी की सराय में रुकी रही, जहां उसे वाहन, ईंधन, चालक और सेवादार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा व्यक्तिगत खर्च के लिए भी धनराशि दी जाती रही।
पन्नू ने मांग की कि एसजीपीसी इस पूरी अवधि में महिला पर हुए कुल खर्च, आतिथ्य और सुविधाओं का संपूर्ण ब्यौरा संगत के सामने रखे। उन्होंने कहा कि इस गंभीर प्रकरण पर अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, सांसद हरसिमरत कौर बादल और वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की लगातार चुप्पी कई तरह के संदेह पैदा करती है।
जूनियर अफसरों की कमेटी पर सवाल, स्वतंत्र जांच की उठी मांग
एसजीपीसी द्वारा गठित चार सदस्यीय आंतरिक जांच समिति की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पन्नू ने कहा कि संस्था के कनिष्ठ कर्मचारी अपने ही वरिष्ठ अधिकारियों और प्रभावशाली नेताओं से सच कैसे उगलवा सकते हैं।
उन्होंने इस जांच कमेटी को केवल समय बिताने और मामले को ठंडा करने की रणनीति करार दिया। पन्नू ने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की जांच किसी उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पिछले 11 वर्षों से एसजीपीसी के लोकतांत्रिक चुनाव न कराए जाने पर भी चिंता जताई।
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